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pulwama attack: जवानों के खून से लाल हो गई थी सड़क, हजारों बॉडी पार्ट्स इकट्ठा कर हुई थी आतंकी की पहचान

Vivhav Shukla

Publish: Feb 14, 2020 09:43 AM | Updated: Feb 14, 2020 09:43 AM

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  • Pulwama Attack Anniversary: पुलवामा हमले के एक साल बीत गए हैं।
  • आज के दिन हुआ था देश को दहला देने वाला आतंकी हमला

नई दिल्लीः Pulwama Attack Anniversary: साल 2019, तारीख 14 फरवरी, दिन गुरुवार। दोपहर 3 बजे तक सब कुछ सही था। लेकिन 3.30 बजे न्यूज चैनलों में एक ब्रेकींग खबर आई। खबर थी कि पुलवामा (Pulwama Attack) में CRPF के काफिले पर आतंकी हमला (terror attack) हो गया है। बताया गया कि सीआरपीएफ के 2500 जवानों का काफिला बसों से जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (jammu srinagar highway) की तरफ बढ़ रहा था। जवानों का काफिला पुलवामा जिले के लीथोपोरा पहुंचा ही था, तभी सड़क की दूसरी तरफ से विस्फोटक से भरी एसयूवी काफिले से टकराई। उसके बाद ऐसा भीषण धमाका हुआ जिसने पूरे भारत को हिला कर रख दिया। धमाके का काला धुआं हटा तो दिखा देश के बेटों के क्षत-विक्षत शव धरती पर पड़े थे। स्वर्ग जैसी धरती लहू-लुहान हो चुकी थी। आज इस आतंकवादी हमले को 1 साल पूरा हो गया है।

40 जवान हो गए थे शहीद

इस धमाके के बाद जवानों को कुछ समझ आता कि क्या हुआ है उससे पहले आतंकियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलीयां चलानी शुरू कर दी।लेकिन जैसे तैसे जवानों ने उन्हें खदेड भगाया। लेकिन तब तक बहुत कुछ बदल चुका था। सड़क पर लाशों को ढेर बिछ चुका था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह जवान सीआरपीएफ की 76 बटालियन से थे। इसके अलावा कई जवान घायल हो गए थे। इन जवानों को तुरंत श्रीनगर में आर्मी के बेस हॉस्पिटल ले जाया गया

हजारों बॉडी पार्ट्स किए थे इकट्ठे

NIA के एक आला अधिकारी ने बताया कि इस आतंकवादी हमले में हजारों बॉडी पार्ट्स इकट्ठे किए थे क्योंकि एनआईए अधिकारियों को शक था कि इन्हीं शरीर के टुकड़ों में से कोई एक टुकड़ा फिदायीन हमलावर का भी रहा होगा। NIA का शक सही था।घटनास्थल से शरीर के जो टुकड़े मिले थे उनमें से एक संभावित टुकड़े का जब अहमद दार के पिता से डीएनए कराया गया तो वह मैच खा गया। अहमद महज 20 साल का लड़का था। इस तबाही को उसी ने अंजाम दिया था। अहमद पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करता था।इस हमले की जिम्मेदारी भी इसी समूह ने ली थी।

देश ने लिया जोरदार बदला

इस घटना से पूरे देश में गुस्सा था। चारो तरफ मोदी सरकार की आलोचना हो रही थी। लोग सरकार को कोस रहे थे। देश का हर नागरिक पाकिस्तान से बदला लेना चाहता था। फिर वो दिन भा आया। इस घटना के 12 दिन बाद यानी 26 फरवरी को सरकार ने गुप्त तरीके से पाकिस्तान पर हमला करवाया। ये हमला भारतीय वायुसेना ने जरिए करवाया गया। भारतीय वायुसेना ने एयरस्ट्राइक कर पाकिस्तान के बालाकोट को नक्शे से ही हटा दिया। इस एयरस्ट्राइक में लगभग 300 आतंकवादी मारे गए। हालांकि सरकार ने इसकी कभी पुष्टि नहीं की।

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