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अगर करते हैं ई-सिगरेट का इस्तेमाल, तो अब जाना होगा जेल या लाखों का देना होगा जुर्माना

Prakash Chand Joshi

Publish: Oct 04, 2019 13:52 PM | Updated: Oct 04, 2019 13:52 PM

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  • मन की बात में पीएम मोदी कर चुके हैं ई-सिगरेट की बात

नई दिल्ली: दुनिया में कई चीजें ऐसी होती हैं, जिनका हम इस्तेमाल को धड़ले से करते हैं। लेकिन उन चीजों के नुकसान क्या होते हैं ये या तो हम जानते नहीं हैं और अगर जानते हैं तो उनसे किनारा करते हैं। इसी कड़ी में एक नाम है ई-सिगरेट, जिसे लेकर अब मोदी सरकार एक खास तैयारी कर रही है और अगर आप इसका इस्तेमाल करते हैं तो आपको इससे बचने की जरूरत है।

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दरअसल, केंद्र सरकार के अध्यादेश पर अब ई-सिगरेट पर प्रतिबंध को लेकर राज्यों में अमल की कवायद शुरू हो गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए डीजीपी ओपी सिंह ने सभी जोन के एडीजी रेंज के आईजी और कप्तानों को इसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में युवा पीढ़ी पर मंडरा रहे ई-सिगरेट के खतरे को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ई-सिगरेट के खतरों को जानने के बाद हाल ही में इसे भारत में बैन किया गया है।

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जारी किए गए अध्यादेश में ई-सिगरेट के उत्पादन, आयात-निर्यात, परिवहन, खरीद-बिक्री और विज्ञापन पर एक साल की सजा या फिर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का कहा गया है। तय व्यवस्था में ई-सिगरेट जिसमें निकोटिन प्रदान करने वाले सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक यंत्र जैसे हुक्का आदि शामिल हैं। हालांकि, इससे उन चीजों को बाहर रखा गया है जो कि ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट-1940 के तहत लाइसेंस के दायर में हो। दरअसल, ई-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट, ई सिगरेट या वाष्पीकृत सिगरेट जो कि एक बैटरी से चलने वाला उपकरण है। ये निकोटीन या गैर-निकोटीन के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक प्रदान करता है।