स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

कलेक्टर नहीं दे सका दूसरों को नौकरी तो खोल दिया अपना कैफे, ऐसे कर रहें लोगों की मदद

Soma Roy

Publish: Aug 25, 2019 11:54 AM | Updated: Aug 25, 2019 11:55 AM

Hot on Web

  • Cafe Able in tamil nadu : कैफे में काम करने वाला पूरा स्टाफ शारीकिर रूप से है अक्षम
  • जरूरतमंदों की मदद के लिए कलेक्टर संदीप नंदुरी ने उठाया बीड़ा

नई दिल्ली। हर कोई चाहता कि उसकी सरकारी जॉब लग जाए, जिससे उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। मगर दुनिया में कई ऐसे लोग भी जो चाहकर भी अपने इस सपने को पूरा नहीं कर सकते। उनके सामने अपने शारीरिक रूप से अक्षम होने की चुनौती आती है। ऐसे लोगों के लिए तमिलनाडू का एक कैफे वरदान साबित हुआ है। इसे एक कलेक्टर ने बनवाया है। मजेदार बात यह है कि उन्होंने यह कैफे ऐसे लोगों के लिए बनवाया है जिसमें पूरा स्टाफ शारीरिक रूप से अक्षम है।

तमिलनाडू में बने कैफे एबल में करीब 12 लोग काम करते हैं। इसमें काम करने वाले सारे लोग किसी न किसी रूप में शारीरिक तौर पर अक्षम हैं। ये सभी लोग एक समय सरकारी नौकरी करना चाहते थे। इन्होंने इसके लिए आवेदन भी किया था, लेकिन नियमों के मुताबिक उन्हें नौकरी नहीं मिल सकती थी। ऐसे में थूतुकुंडी के डिस्ट्रिक कलेक्टर संदीप नंदुरी ने अपंग लोगों को नौकरी देने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने राजापलायम के आस्कर होटल मैनजमेंट कॉलेज से संपर्क किया। यहां उन्होंने 45 दिन का कुकिंग और बेकिंग का ट्रेनिंग शुरू कराया। जिसमें जरूरतमंदों को कस्टमर से डील करने और प्रोडक्ट बेचने के गुर सिखाए गए।

able.jpg

यह कैफे जिला कलेक्ट्रेट के अंदर बना हुआ है। यहां किफायती दामों में साउथ इंडियन ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक आदि मिलती है। यहां बना किचन आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है। इस किचन को चलाने के लिए तीन प्राइवेट कंपनियों और कलेक्ट्रेट कार्यालय मदद करता है।