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पिता की मौत के बाद रिश्तेदारों ने लूटी इज़्ज़त और प्रॉपर्टी, इंसाफ पाने के लिए खुद बनी वकील

Priya Singh

Publish: Sep 14, 2019 15:32 PM | Updated: Sep 14, 2019 15:32 PM

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  • चचेरे भाई बहनों ने छीन ली सारी प्रॉपर्टी और निकाल दिया घर से बाहर
  • पुलिस से मांगी मदद लेकिन हाथ लगी निराशा

नई दिल्ली। अगर आप सोचते हैं आपकी ज़िंदगी दुखों से भरी है और केवल आप ही चुनौतियों का सामना करते हैं तो एक बार इस महिला की ज़िंदगी पर नज़र डालिए। आपको अपनी चुनौतियां इनके जीवन की परेशनियों के सामने बौनी लगने लगेंगी और साथ ही आपको हिम्मत मिलगी हर हालत से डटकर सामना करने की। द हुमंस ऑफ़ बॉम्बे ने अपने फेसबुक पेज पर इस महिला की कहानी को साझा किया है। इस महिला वकील की ज़िंदगी कभी ऐशो आराम से लैस थी। उनके पिता एक अमीर बिजनेसमैन थे। अपनी बीती ज़िंदगी के बारे में बताते हुए वे कहती हैं- 'कभी हमारे पास बड़ा घर था, कई गाड़ियां थीं।' लेकिन एक दिन अचानक उनके चाचा की अचानक मौत हो गई और उनके पिता पर अपने भाई के बच्चों की भी ज़िम्मेदारी आ गई।

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अब परिवार की परवरिश के लिए उनके पिता दोगुनी मेहनत करने लगे। धीरे-धीरे जीवन की गाड़ी फिर से पटरी पर आ गई। वे बताती हैं कि जब वे 11वीं की पढ़ाई कर रही थीं तभी उनके पिता जी को हार्ट अटैक आया और वे दुनिया को अलविदा कह गए। रातों-रात सब बदल गया। उनके चहेरे भाई बहनों को लगने लगा कि प्रॉपर्टी में अब उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिलेगा। उन्होंने प्रॉपर्टी हड़पने के सारे रास्ते अपनाए। एक दिन उनको उनकी माता को और उनके छोटे भाई को उन्होंने घर से निकाल दिया और ज़बरदस्ती सबकुछ अपने नाम करवा लिया।

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उनकी मुश्किलें बढ़ गईं उन्होंने उस दौर में यौन शोषण भी झेला। वे एक छोटे से घर में रहते थे उनका कहना है कि 'मुझे शक है कि उन्होंने मेरी मां को ज़हर देकर मारा है।' एक दिन अपनी तकलीफों से तंग आकर वे पुलिस के पास गईं और उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई लेकिन पुलिस ने भी कोई सुनवाई नहीं कि। अब उन्हें अपने पिता की सिखाई एक बात याद आई 'कभी किसी पर निर्भर मत होना।' यही सोचकर अब उन्होंने अपनी लड़ाई खुद लड़ने की ठानी। उनके पिता ने जो जमा पूंजी बचाई थी वो उन्होंने कानून की पढ़ाई करने में लगा दिए। और आज एक वकील हैं हालांकि वे अब तक अपनी लड़ाई जीत नहीं पाई हैं लेकिन वे कहती हैं- 'मैं तब तक लड़ती रहूंगी जब तक मेरी जीत नहीं होती।'