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बारिश से गिरे 144 मकान, 18 मकान दो दिन में हुए जमींदोज

yashwant janoriya

Publish: Sep 11, 2019 22:51 PM | Updated: Sep 11, 2019 22:51 PM

Hoshangabad

नगरपालिका और पटवारी द्वारा किया गया सर्वे

सारनी. डेढ़ माह से लगातार हो रही बारिश में नगरीय क्षेत्र के 144 कच्चे मकान गिर गए हैं। जिनका सर्वे नगरपालिका और पटवारी द्वारा किया गया है। इसमें से 18 मकान दो दिन में गिरे हैं। जिनका सर्वे बुधवार को किया गया है। सारनी के वार्ड क्रमांक 3, 4, 5 और 10 में जहां पटवारी हरिओम चौरे ने 7 मकानों का सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं पाथाखेड़ा और शोभापुर क्षेत्र के वार्डों में गिरे 11 मकानों का सर्वे पटवारी नाथुराम अंबुलकर द्वारा किया गया। पाथाखेड़ा क्षेत्र के पटवारी ने बताया अब तक 106 मकानों का सर्वें हुआ है। वहीं सारनी के पटवारी ने बताया अब तक 38 मकानों का सर्वे किया गया है। इस प्रकार 144 मकानों के गिरने की रिपोर्ट पटवारियों द्वारा तैयार कर तहसीलदार को सौंपी गई है। गौरतलब है कि पाथाखेड़ा के आधा दर्जन और सारनी के करीब 4 वार्ड झुग्गी बस्ती में शामिल है। इन वार्डों में ज्यादातर मिट्टी से निर्मित कच्चें मकान है। रखरखाव नहीं होने से अक्सर बरसात के दिनों में यह कच्चे मकान गिर जाते हैं। सर्वे में पटवारियों ने यह भी पाया कि कई ऐसे मकान गिरे हैं। जिनमें कोई रहता नहीं था।लेकिन मकान गिरे होने पर सर्वें किया गया है। बीते दिनों तेज बारिश के बाद कच्चें मकान गिरने की सूचना मिलने पर एसडीएम और नपा सीएमओ द्वारा भी निरीक्षण किया गया था। अच्छी बात यह है कि नगरपालिका द्वारा पीडि़तों के लिए नगरीय क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर राहत कैंप लगाए हैं।
पुलिस लाइन की दीवार गिरी
थाना सारनी अंतर्गत पुलिस लाइन के दो आवासों की जर्जर दीवार बीते दिनों से हो रही बारिश में गिर गई। दोनों आवासों में पुलिस कर्मी निवासरत है। दीवार पीछे की ओर गिरने से किसी को चोट नहीं पहुंची। वहीं छतरपुर पंचायत अंतर्गत ढुमकाढाना में विजय सरियाम और छतरपुर में जीयालाल के मकान की दीवार गिरी है।
एक सप्ताह बाद चार घंटे के लिए खुला चोपना मार्ग, फिर रोका बाढ़ ने रास्ता
तवा नदी में एक सप्ताह बाद बाढ़ उतरने से चोपना मार्ग सुबह 5.30 से 9.30 बजे तक करीब चार घंटे के लिए खुला रहा। इससे ग्रामीणों को राहत मिली। दरअसल, पूरे एक सप्ताह से चोपना के 32 गांवों को सीधे जोडऩे वाला मार्ग नांदिया घाट रपटे पर बाढ़ के चलते बंद रहा। जिससे कई गांवों का संपर्क टूटा रहा। बुधवार को सतपुड़ा डैम के गेट खुलने की संख्या 5 से घटाकर 2 की गई। इससे नदी में बाढ़ उतर गई। सुबह करीब 10 बजे सतपुड़ा डैम ओवरफ्लो होने पर पुन: 6 गेट एक-एक फ़ीट खोल दिए गए। इससे तवा नदी में एक बार फिर बाढ़ आ गई और चोपना का रास्ता नांदिया घाट रपटे पर बाढ़ के चलते बंद हो गया।