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आज का पंचांग 04 फरवरी 2019

Tanvi Sharma

Publish: Feb 04, 2019 10:56 AM | Updated: Feb 04, 2019 10:56 AM

Horoscope

आज का पंचांग 04 फरवरी 2019

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति माघ 15 शक संवत् 1940 माघ कृष्णा अमावस्या सोमवार, विक्रम संवत् 2075। सौर माघ मास प्रविष्टे 22, जमादि उल्लावल 28, हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 04 फरवरी सन् 2019 ई०। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु।

राहुकाल प्रातः 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। अमावस्या तिथि अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 34 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ। श्रवण नक्षत्र अगले दिन सुबह 6 बजकर 1 मिनट तक उपरांत घनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ, सिद्धि योग प्रातः 7 बजकर 58 मिनट तक उपरांत व्यतीपात योग का आरंभ।

आज के मुहर्त - आज के दिन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से बचना चाहिए ।

चतुष्पद करण अपराह्न 1 बजकर 14 मिनट तक उपरांत किस्तुघ्न करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात मकर राशि पर संचार करेगा। आज ही माघ (मौनी) अमावस्या, सोमवारी अमावस्या, मेला अर्धकुंभी पर्व (प्रयागराज), तीर्थस्नान माहात्म्य, महोदय योग प्रातः 7 बजकर 58 मिनट से सूर्यास्त तक।

आज के विचार - आज जन्म लिए बच्चों के नाम ( खी, खू, खे, खो , ग ) अक्षरों पर रख सकते हैं। आज जन्म लिये बच्चे शरीर से मजबुत होंगे। ऐसे जातक पारिवारिक जवाबदारी का निर्वहन बखुबी करेंगे। इनमें जनसेवा का भावुक के भरा होगा। नेतृत्व क्षमता के धनी होंगे।

पंचांग क्या है
पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।