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अशोक अरोड़ा ने इनेलो प्रदेशाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा,लोकसभा चुनाव में हुई हार की ली नैतिक जिम्मेदारी

Prateek Saini

Publish: May 24, 2019 16:32 PM | Updated: May 24, 2019 16:32 PM

Hisar

इस्तीफा स्वीकार होने पर संशय के बादल...

 

(चंडीगढ़,हिसार): हरियाणा में लोकसभा चुनाव परिणाम में बुरी तरह फजीहत के बाद इनेलो अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अरोड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला को भेजा है। हालांकि यह भी तय माना जा रहा है कि अशोक अरोड़ा का इस्तीफा स्वीकार नहीं होगा और वह पहले की तरह पद पर काम करते रहेंगे। यह केवल कार्यकर्ताओं तथा विरोधी राजनीतिक दलों पर मानसिक दबाव की राजनीति का हिस्सा है।


हरियाणा में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान इंडियन नेशनल लोकदल बुरी तरह से हाशिए पर आ गया है। लोकसभा चुनाव के दौरान इनेलो के तीन विधायक पार्टी को अलविदा कर चुके हैं। इससे पहले चार विधायक जननायक जनता पार्टी में जा चुके हैं। इस चुनाव के दौरान इनेलो ने कुरूक्षेत्र को छोडक़र किसी भी सीट पर मजबूत प्रत्याशी नहीं दिया था। चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी ने भी इनेलो से गठबंधन तोड़ लिया था। इनेलो के पक्ष में जो परिणाम आए हैं उनके बारे में पहले ही अटकलें लगाई जा रही थी।

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गत दिवस घोषित हुए चुनाव परिणाम के अनुसार अंबाला में इनेलो प्रत्याशी रामपाल को 19518, भिवानी में बलवान सिंह को 8065, फरीदाबाद में महेंद्र सिंह चौहान को 12070, गुरुग्राम में वीरेंद्र सिंह राणा को 9911, हिसार से सुरेश कौंथ को 9761, करनाल से इनेलो प्रत्याशी धर्मवीर पाडा को 15797, कुरूक्षेत्र से अर्जुन चौटाला को 60679, रोहतक से धर्मवीर को 7158, सिरसा से चरणजीत रोड़ी को 88093 तथा सोनीपत से सुरेंद्र छिक्कारा को 9149 वोट मिले हैं। इस चुनाव में इनेलो के सभी दस प्रत्याशियों को कुल दो लाख 40 हजार 201 वोट मिले हैं। चुनाव में कोई भी प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सका है।


इस हार के बाद जहां इनेलो नेतृत्व पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं में बुरी तरह से असंतोष फैल गया है। लगातार बढ़ रहे इस असंतोष को रोकने के लिए ओम प्रकाश चौटाला के सबसे करीबी अशोक अरोड़ा ने बड़ा दांव खेल दिया है।


अशोक अरोड़ा पिछले 15 वर्षों से इनेलो अध्यक्ष पद पर तैनात हैं। अरोड़ा को इस बार नियुक्ति देने के लिए पार्टी ने बकायदा संविधान को भी बदला है। इसके बावजूद एक के बाद एक कई चुनाव हारने पर अशोक अरोड़ा ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चौटाला को लिखे पत्र में अशोक अरोड़ा ने कहा है कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है उसके लिए वह पार्टी नेतृत्व तथा चौटाला परिवार का आभार व्यक्त करते हैं। लोकसभा चुनाव में पार्टी के बुरे हश्र की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए वह अपने पद से इस्तीफा देते हैं। अशोक अरोड़ा ने चौटाला से आग्रह किया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें पद मुक्त किया जाए।