स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

Haryana: कंप्यूटर शिक्षकों के आंदोलन को बताया राजनीति से प्रेरित,लेकिन मिलेगा अनुभव का लाभ

Shashank Pathak

Publish: Sep 17, 2019 17:36 PM | Updated: Sep 17, 2019 17:36 PM

Hisar

सरकार सभी भर्तियां कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करेगी। भविष्य में कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों की जो भी नियमित भर्ती होगी, उसमें उन्हें अनुभव का भी लाभ मिले इस पर भी विचार किया जा सकता है l

चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार ने राज्य के करीब पांच हजार कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों के आंदोलन को अवैधानिक करार दिया है। प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों की हर जायज मांग मानी गई, लेकिन चुनावी मौसम में राजनीतिक दबाव के चलते अब यह लोग शिक्षा विभाग में समायोजित करने की मांग कर रहे हैं, जो तर्कसंगत नहीं है।

हरियाणा सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों की नियमित भर्ती का संकेत देते हुए उन्हें अनुभव का लाभ देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चर्चा करने के बाद उनके पूर्व ओएसडी जवाहर यादव ने बताया कि केंद्रीय स्कीम के तहत इन कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों की भर्ती तीन साल के लिए की गई ती। 2015 में उनके तीन साल पूरे हो गए थे। कुल बजट का 60 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार और 40 फीसदी हिस्सा राज्य सरकार को देना प्रस्तावित था।

जवाहर यादव के अनुसार आरंभ में जब इन कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों को 14 माह का रुका हुआ वेतन नहीं मिला था, तब भाजपा सरकार ने 71 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान कर उन्हें हुड्डा सरकार के कार्यकाल का वेतन जारी कराया।

जवाहर यादव ने बताया कि विधानसभा चुनाव के चलते कंप्यूटर शिक्षक व सहायका दूसरे दलों के हाथों में खेल रहे हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए, जो कि संभव नहीं है। हरियाणा सरकार सभी भर्तियां कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करेगी। भविष्य में कंप्यूटर शिक्षकों व सहायकों की जो भी नियमित भर्ती होगी, उसमें उन्हें अनुभव का भी लाभ मिले इस पर भी विचार किया जा सकता है l