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टीबी अस्पताल में किशोरी से Rape के बाद वकीलों से की ये बड़ी मांग

suchita mishra

Publish: Aug 28, 2019 10:35 AM | Updated: Aug 28, 2019 10:35 AM

Hathras

-दुष्कर्म के आरोपियों का मुकदमा न लड़ें अधिवक्ता

-विश्वासघात किया, डॉक्टरों के पेशे को बदनाम किया

-स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर कार्रवाई की मांग

हाथरस। न्याय की जंग जारी है। दुष्कर्म पीड़िता (Rape victim) को न्याय दिलाने के लिए बड़े-बड़े कदम समाज के सभी अंगों को उठाने पड़ेंगे, जिससे आरोपियों के हौसले पस्त हों। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) द्वारा एक ज्ञापन डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (District bar association­) को दिया गया। इसमें मांग की गई है कि दुष्कर्म के आरोपियों का केस (Rape cas) वकील (Advocates) न लड़ें।

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सहयोग मांगा
एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सारस्वत से मिला। ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया के 23 अगस्त की रात्रि टीवी अस्पताल में भर्ती किशोरी के साथ घिनौने कृत्य के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा हो, इसके लिए सभी अधिवक्ताओं का सहयोग चाहिए।

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डॉक्टर पर कैसे भरोसा करें मरीज
पीड़ित किशोरी का परिवार काफी करीब है, वह मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है। उक्त केस के आरोपियों द्वारा मानवता को शर्मसार कर मरीजों के विश्वास को तोड़ा है। जब अस्पताल में मरीज अपना इलाज कराने डॉक्टर के पास जाता है तो वह उसको भगवान का दूसरा रूप मानकर जीवन दान की उम्मीद करता है। जब डॉक्टर किसी मरीज का इलाज करता है तब उस स्थिति में मरीज को यह नहीं मालूम होता है कि डॉक्टर को जीवन दान के लिए दवा का इंजेक्शन दे रहा है या उसकी मृत्यु अथवा उसकी अस्मत से खेलने के लिए इलाज कर रहा है। सब कुछ भगवान और डॉक्टर के भरोसे ही रहता है। इन दोनों आरोपियों ने मरीज के विश्वास को तोड़कर उसके साथ विश्वासघात किया है। डॉक्टरों के पेशे को बदनाम किया है और वह भी सरकारी अस्पताल के अंदर ऐसा घिनौना कृत्य कर मानवीय विश्वास को खत्म किया है। अब मरीज कैसे भरोसा करें कि डाक्टर उसका इलाज करेगा या उसके जीवन को बर्बाद कर देगा।

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न्याय दिलाएं
ज्ञापन में मांग की कि जनपद के सभी अधिवक्ता उक्त केस के दोनों आरोपियों का मुकद्दमा न लड़कर पीड़ित और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए पीड़िता का मुकदमा निशुल्क अथवा सहानुभूतिपूर्वक लडकर इस परिवार को न्याय दिलाएं। न्यायिक व्यवस्था में उच्च आदर्शों का मापदंड स्थापित कर समाज को नई दिशा दें।

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कोर कमेटी की बैठक में करेंगे विचार

डिस्ट्रिक्ट बार एसो. के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत सारस्वत एड. ने कहा कि यह बहुत ही निंदनीय और घृणित घटना है। इस संबंध में हम अपनी कोर कमेटी की बैठक बुलाकर उचित और न्यायप्रिय निर्णय लेकर पीड़िता को न्याय दिलाने में अपना पूर्ण सहयोग देंगें। ज्ञापन देने वालों में राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेंद्र गोयल, जिला अध्यक्ष सौरभ सिंघल, जिला कोषाध्यक्ष कौशल किशोर गुप्ता आदि थे।

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स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर विगत दिवस क्षय रोग अस्पताल में हुई दुष्कर्म की घटना के खिलाफ जनपद के आला अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग की है। वक्ताओं ने कहा है कि इससे ज्यादा मानवता को शर्मसार करने वाली घटना नहीं हो सकती है। सरकारी अस्पताल में इलाज करने आई पीड़िता से जिस प्रकार दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है उससे पूरे सरकारी सिस्टम पर प्रश्न चिन्ह लग गया है। उन्होंने कहा कि इससे सरकारी कार्यालयों में महिलाओं की सुरक्षा के ऊपर प्रश्न चिह्न लगता है। उन्होंने कहा कि इस घटना से जनपद में कानून व्यवस्था की लचर स्थिति की पोल खुल गई है। दुष्कर्मियों की गिरफ्तारी मात्र से समस्या का समाधान नहीं होगा, अपितु ऐसी घटना कि पुनरावृति न हो, यह भी सुनिश्चित करना चाहिए। इसके खिलाफ जब तक मुख्यमंत्री स्तर से सख्त कार्यवाही नहीं होगी, तब तक आपराधिक मानसिकता वाले लोगों के दिमाग में भय व्याप्त नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि स्वास्थ्य विभाग के सभी आला अधिकारी समेत जनपद के आला अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। मांग करने वालों में प्रदेश मंत्री योगा पंडित, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोविंद प्रसाद अग्रवाल, जिला अध्यक्ष अशोक बागला, जिला महामंत्री कपिल अग्रवाल, नगर अध्यक्ष पदम अग्रवाल, नगर महामंत्री राजकुमार वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष मुरारी लाल वर्मा, युवा जिला अध्यक्ष अरुण कुलश्रेष्ठ, युवा जिला महामंत्री ललतेश गुप्ता, प्रदीप सारस्वत, विनोद मित्तल, सुभाष गर्ग, बलवीर वर्मा, पीयूष गुडिहा, संदीप सेकसरिया, मुकेश बंसल आदि हैं।

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