स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

पैसे बनाने के लिए बुखार को डेंगू बता रहे डॉक्टर, स्वास्थ्य विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

suchita mishra

Publish: Oct 07, 2019 17:16 PM | Updated: Oct 07, 2019 17:16 PM

Hathras

-जिले में अभी तक डेंगू का एक भी केस नहीं।
-बिना जांच डेंगू घोषित करने पर होगी कार्रवाई।

हाथरस। जिले में मलेरिया विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों का असर देखने को मिल रहा हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो इन दिनों में वेक्टर जनित रोग अधिक फैलता है। बचाव के प्रयासों के चलते जनपद में अभी तक एक भी डेंगू का केस प्रकाश में नहीं आया है। इसके साथ ही विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कुछ डॉक्टर पैसा बनाने के लिए बुखार को भी डेंगू घोषित कर देते हैं, इस प्रकार की अगर कोई बात प्रकाश में आएगी तो उस डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डेंगू का एक भी केस नहीं

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एम जौहरी का कहना है कि इस समय डेंगू के साथ -साथ अन्य वेक्टर जनित रोग तेजी से फैलते हैं, जिन्हें रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी अभियानों में से एक संचारी रोग नियंत्रण अभियान जिले में सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ है। अभियान के तहत एंटी लार्वा व डीडीटी का छिड़काव, लोगों को वेक्टर जनित रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रभातफेरियां, पानी से भरे गड्ढों को भरना आदि कार्य किए गए, जिसमें अन्य विभागों का भी सहयोग रहा। उन्होंने बताया कि अभी तक उनके संज्ञान में डेंगू का केस नहीं आया है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी चिकित्सक द्वारा बताया जाए कि आपको डेंगू हैं, तो घबराए नहीं। कुछ चिकित्सक बिना एलाइजा जांच के डेंगू घोषित कर देते हैं, जोकि पूर्णतः गलत है। ऐसा करने वाले चिकित्सक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि होती है।

Must Read - Vijayadashami 2019: सफल कॅरियर, रोग मुक्ति व धन की कमी को दूर करने के लिए दशहरा के दिन करें ये तीन उपाय...

झोलाछाप से बचें
सहायक मलेरिया अधिकारी एसपी गौतम ने बताया कि बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं, झोलाछाप से अपना इलाज न कराएं। बिना चिकित्सक की सलाह के अनावश्यक दवाओं का सेवन न करें। बुखार के समय पानी एवं अन्य तरल पदार्थ जैसे - नारियल पानी, शिकंजी, ताजे फलों के रास आदि का सेवन करें।

कैसे करें बचाव
- बर्तन जिनमें पानी का संचयन किया जाता है, आदि को सप्ताह में एक बार सुखाकर ही पुनः प्रयोग में लायें। घर की छतों, बेकार पड़े बर्तनों, गमलों के नीचे ए०सी० से निकलने वाले पानी, पक्षियों के लिए रखे गए पानी के बर्तन आदि को सप्ताह में एक बार सुखाकर ही प्रयोग में लायें।
- ऐसे कपड़े पहने, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों
के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है।
- रात को सोते समय मच्छरदानी लगाएं।