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नए मोटर व्हीकल एक्ट से भ्रष्टाचारियों की बल्ले-बल्ले, प्रधानमंत्री से की ये मांग, देखें वीडियो

Dhirendra yadav

Publish: Sep 07, 2019 16:38 PM | Updated: Sep 07, 2019 16:38 PM

Hathras

-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग- जिम्मेदार अफसरों भी लगे जुर्माना
-विदेशी तर्ज पर कानून तो बुनियादी सुविधाएं भी विदेश की तरह हों

हाथरस। संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। इसके साथ जन सुविधाओं को लागू करने में लापरवाही बरतने वाले संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई तय की जाए। यह कहना है एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स का। इस बारे में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। संशोधन की मांग की।

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अधिक जुर्माना से समस्या दूर नहीं नहीं
संस्था के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय का कहना है कि भारत सरकार द्वारा 1 सितंबर 2019 से नए संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद होंगे। हम लोग भी वाहन सुरक्षा, आम आदमी की जान की सुरक्षा के लिए फिक्रमंद है। वाहनों पर चल रहे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित अपने घर पर पहुंचना चाहिए, लेकिन भारी भरकम राशि के चालन से उसकी समस्याओं का निराकरण नहीं होने वाला है। जिस तरह आम आदमी के वाहन चलाने पर तरह-तरह की कमियों पर भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है, उसी तरह से प्रत्येक विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी जुर्माने का प्रावधान किया जाए। सड़क पर गड्ढे होने पर संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ एक लाख रुये या दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए।

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अफसरों पर लगे जुर्माना
प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि सड़क पर गड्ढों की वजह से वाहन सवार चालक की मृत्यु होने पर दस लाख रुपये का जुर्माना, मिलावटी वस्तुओं के कारण व्यक्ति की मृत्यु होने पर खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ दस लाख रुपये का जुर्माना, इसी तरह से अन्य अव्यवस्थाओं के लिए प्रत्येक विभाग के उन संवंधित अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाए जो लाखों रुपये तनख्वाह व अन्य सारी सरकारी सुविधाएं लेकर भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। ऐसा करने से भारतवर्ष में जो भी अव्यवस्थाएं हैं, वह बहुत जल्द ही समाधान की ओर अग्रसर होंगी।

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विदेशी तर्ज पर कानून तो बुनियादी सुविधाएं भी दो
उन्होंने कहा कि हमें नए संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 से किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है सरकार विदेशों की तर्ज पर कानून तो बना रही है लेकिन बुनियादी सुविधाएं(सडक़) विदेशों की तर्ज पर नहीं दे रही है, इसीलिए इस एक्ट का विरोध हो रहा है। सारे नियम, कायदे, कानून केवल आम आदमी के लिए ही बनाए जाते हैं। हम चाहते हैं कि जो सरकारी अधिकारी/कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं, उनको भी कहीं न कहीं इस व्यवस्था से बांधने का प्रयास किया जाए।

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जुर्माना राशि घटाई जाए
अन्त में मांग की कि उक्त नए संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के भारी-भरकम जुर्माने को घटाकर आम आदमी की पहुंच के अनुसार किए जाएं। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि ज्ञापन प्रधानमंत्री को भेज दिया जायेगा। ज्ञापन देने वालों में प्रवीन वार्ष्णेय के साथ जिलाध्यक्ष सौरभ सिंघल, नवीन गुप्ता, योगेश वार्ष्णेय शानू, कन्हैया लाल आदि रहे।

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