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यहां माता सती के नश्वर देह का गिरा था कान, होती है कृपा की बरसात

Ruchi Sharma

Publish: Oct 01, 2019 07:30 AM | Updated: Sep 30, 2019 15:40 PM

Hardoi

इस स्थल को माता सती के शिव पुराण के प्रसंग से जुड़ा माना जाता है

हरदोई. जिला मुख्यालय हरदोई शहर के सांडी रोड पर स्थित माता श्रवण देवी मन्दिर को लेकर मान्यता है कि यहां माता की कृपा की बरसात होती है। इसलिए मां के मन्दिर के पास ही भक्त प्रह्लाद का कुंड स्थित है। किदवंती है कि इस स्थल को माता सती के शिव पुराण के प्रसंग से जुड़ा माना जाता है । प्रसंग के अनुसार माता सती ने जब अपने पिता प्रजापति दक्ष के यज्ञ आयोजन स्थल पर अपने पति शिवशंकर का अपमान किए जाने का अहसास किया था तो अपने शरीर की आहुति दे दी थी। इसकी जानकारी होते ही भगवान भोलेनाथ ने वहां ताडंव किया और माता की देह को लेकर आकाश में वियोग में विचरण करने लगे जिससे पूरी सृष्टि पर प्रतिकूल असर होने लगा ऐसे में भगवान विष्णु जी ने वियोग और नश्वर माता की देह को शिव से अलग करने के सुर्दशन चक्र भेज दिया ।

सुर्दशन चक्र ने धीरे धीरे माता की नश्वर देह के अंग अलग करते हुए शिव से उस देह को अलग किया। माता सती की उस नश्वर देह के जो अंग अलग होकर जिस स्थान पर गिरे उस स्थान पर शक्तिपीठ बनी और नाम उस अंग के नाम से जाना गया है। इसमे यहां माता सती का कान गिरा और जब से इस स्थान पर माता श्रवण देवी के मंदिर प्राक्ट्य हुआ और तभी से यह स्थान "शक्तिपीठ" श्रवनदेवी के नाम से जाना जाता है। माता सती के सम्पूर्ण भारत मे 108 शक्तिपीठ मन्दिर है उनमें से एक शक्तिपीठ श्रवण देवी मन्दिर जनपद मे भी है। नवरात्र में यहां दर्शन करने करने के लिए दूर दूर से श्राद्धालु आते हैं और उनकी मनोकामना भी पूर्ण होती है। जिस प्रकार चण्डी देवी , मनसा देवी , पूर्णागिरि माता , वैष्णो माता को शासन की ओर से पर्यटक स्थल की सुविधाएं प्राप्त हैं वैसी ही सुविधाओं के लिए जनपद का श्रवण देवी मंदिर भी उपेक्षा ग्रस्त था।