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जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल, पचास हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा

Anurag Thareja

Publish: Oct 14, 2019 22:55 PM | Updated: Oct 14, 2019 22:55 PM

Hanumangarh


जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल.......
- पचास हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
- अंतराष्ट्रीय नगर कीर्तन में उमड़ा जन सैलाब
- हिन्दू, मुस्लिम, इसाई व सभी धर्मों ने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष शीश झुका मांगी दुआ


जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल.......
- पचास हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
- अंतराष्ट्रीय नगर कीर्तन में उमड़ा जन सैलाब
- हिन्दू, मुस्लिम, इसाई व सभी धर्मों ने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष शीश झुका मांगी दुआ

हनुमानगढ़. वाहेगुरु.....वाहेगुरु.. नाप जप, जो बोले सो निहाल सतश्री अकाल जयकारे के साथ सोमवार को श्री गुरुनानक देवजी के 550वर्ष प्रकाश पर्व को समर्पित अंतराष्ट्रीय नगर कीर्तन हनुमानगढ़ टाउन के गुरुद्वारा सुखा सिंह महताब सिंह में विश्राम करने के बाद श्रीगंगानगर के लिए निकला। नगर कीर्तन में शामिल पाकिस्तान ननकाना साहिब से गुरु ग्रंथ साहिब के पुरातन स्वरूप के समक्ष हजारों की तदाद में सभी धर्मा के नागरिकों ने माथा टेक इलाके की खुशहाली की दुआ मांगी। नगर कीर्तन हनुमानगढ़ रविवार रात एक बजे के करीब संगरिया से होते हुए टाउन के गुरुद्वारा सुखा सिंह महताब सिंह पहुंचा। सुबह समागम हुए, इसमें रागी जत्था ने गुरु की वाणी से संगतों को निहाल किया। संगतों ने बस में मौजूद गुरुनानक देवजी के मोदी खान के बाट, खंडाऊं के दर्शन किए। इसी तरह छठे पातशाह गुरु हर गोविंद साहिब व नौवें पातशाह गुरु तेग बहादुर साहिब के शस्त्रों को देख इतिहास के बारे में जाना और उसे अपने केमरे में कैद किया। जिला कलक्टर जाकिर हुसैन भी माथा टेकने पहुंचे। पंच प्यारों की अगुवाई में सुबह साढ़े दस बजे नगर कीर्तन श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुआ। करीब सवा दो घंटे में नगर कीर्तन जंक्शन स्थित राजीव चौक पहुंचा। नगर कीर्तन में जनसैलाब उमड़ा हुआ था। हर कोई इतिहास का साक्षी बनने व माथा टेकने को उतावला दिखा। पालकी साहिब की साफ-सफाई करते हुए संगत साथ चल रही थी। नगर कीर्तन में घोड़ों पर निशान साहिब लेकर निहंग सिख आगे चल रहे थे। इनसे आगे पुष्प व इत्र की वर्षा की जा रही थी। जगह-जगह संगत नगर कीर्तन का स्वागत पुष्प वर्षा से कर रही थी और कारसेवा कर रही थी। जंक्शन के राजीव चौक पहुंचने पर मुस्लिम समाज, भाजपा कार्यकर्ता, कांग्रेस कार्यकर्ता, माकपा कार्यकर्ता, श्री अरोड़वंश समाज, अग्रवाल समाज, नई धानमंडी के व्यापारी आदि विभिन्न समाज व धर्म के नागरिकों ने पालकी साहिब के समक्ष माथा टेक शहर की खुशहाली की दुआ मांगी। नगर कीर्तन एक अगस्त को पाकिस्तान के ननकाना साहिब से चला था और पांच नवंबर को पंजाब के सुलतान पुर लोधी पहुंचेगा। जहां गुरुनानक देवजी के 550वर्ष प्रकाश पर्व पर एक से 12 नवंबर तक समागम होंगे।

नहीं थमी आतिशबाजी
रविवार रात एक बजे संगरिया से होते हुए गांव मानकसर, नवां, सतीपुरा, चक ज्वालासिंह वाला होते गुरुद्वारा सुखा सिंह महताब सिंह पहुंचा। देर रात होने के बावजूद सिख संगत नगर कीर्तन के स्वागत के लिए तत्पर थी। सड़कों पर दोपहिया व चोपहिया वाहनों का जाम था और पुलिस यातायात सुचारू करने में जुटी हुई थी। नगर कीर्तन में आर्कषण का केंद्र आतिशबाजी थी। सतीपुरा से लेकर गुरुद्वारे तक आतिशबाजी की गई। जिसे देखने के लिए आसपास के इलाके का भी हुजुम उमड़ गया।

जल व प्रसाद का किया वितरण
टाउन-जंक्शन मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से सेवा के लिए भण्डारा लगाया गया। नगरकीर्तन में शामिल संगतों के लिए सेवादारों ने जल, प्रसाद व चाय की सेवा की। व्यवस्था संभालने के लिए नगर कीर्तन में पचास से अधिक एसपीजीसी के जवान शामिल थे। इसके अलावा सर्व सिख समाज अध्यक्ष देवेंद्रसिंह खिंडा, बलकरण सिंह, कश्मीरा सिंह, प्रेम सिंह कमरानी, इन्ंद्र सिंह मक्कासर, बाबा बलकार सिंह, परविदं्र सिंह पूर्बा, भाई लालो सेवा समिति के सेवादार, मंहगा सिंह ढिल्लो, गुरदीप चहल, कालेखान, गुरमीत चंदड़ा, राजेंद्र सिंह रोमाणा आदि शामिल रहे।