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मौसम बदला, मूसलाधार बरसात तो कहीं गिरे ओले

Purushotam Jha

Publish: Nov 07, 2019 10:57 AM | Updated: Nov 07, 2019 10:57 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. जिले में बुधवार को कई जगह बारिश होने पर मौसम में ठंडक बढ़ गई। पीलीबंगा व जाखड़ावाली में बेर के आकार के ओले भी गिरे।

 


सर्वाधिक टिब्बी में 22 एमएम बारिश
हनुमानगढ़. जिले में बुधवार को कई जगह बारिश होने पर मौसम में ठंडक बढ़ गई। पीलीबंगा व जाखड़ावाली में बेर के आकार के ओले भी गिरे। बरसात के बाद रबी फसलों की बिजाई गति बढऩे के आसार हैं। जिला मुख्यालय के अलावा संगरिया व टिब्बी में मेघ गर्जना के साथ रिमझिम का दौर चला। वहीं बरसात के बाद मंडियों में किसान फसलों को पानी से बचाने में जुटे रहे। हल्की ठंड का अहसास होते ही लोगों ने गर्म कपड़ों की संभाल शुरू कर दी। कलक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार टिब्बी में सर्वाधिक २२ व पीलीबंगा में ०५ एमएम बारिश हुई।
टिब्बी में हल्की बरसात
टिब्बी. कस्बे में बुधवार शाम करीब चार बजे घिर आए बादलों से बरसात शुरू हो गई। इस दौरान करीब बीस मिनट तक बरसात जारी रही। बरसात के साथ सूरज निकलने से धूप के बीच ही बरसात जारी रही। गांव तलवाड़ा झील सहित आसपास के गांवों में भी इस दौरान हल्की बरसात हुई।
टोपरिया. गांव मेें दोपहर के बाद मौसम ने बदला मिजाज दोपहर तीन बजे से तेज हवाओं व मौसम में घने बादल छाये हुऐ थे तो किसानों की चिन्ता बढ़ती हुई किसान दलीप सहू ने बताया कि खेतों में अनाज ग्वार व नरमा की फसल पकी हुई है। किसानों की धडक़ने बढ़ती हुई।
किसानों की मेहनत पर ओलावृष्टि एवं बरसात भारी
डबली राठान. उपतहसील क्षेत्र में बुधवार शाम चार बजे बाद तूफानी हवाओं के साथ हुई बरसात एवं ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। बैमोसम की बरसात एवं ओलावृष्टि ने किसान को हिला कर रख दिया है। कस्बे सहित आसपास के गांवों में भी हल्की बरसात के साथ कहीं चना तो कहीं बेर के आकार के ओले गिरने के समाचार हैं। किसानों ने बताया कि खेतों में कटाई के लिए खड़ी धान की फसल तूफानी हवाओं को सहन नहीं कर पाई पकी फसल के दाने जमीन पर बिखर गए, धान की फसल जमीन पर लिट गई। चक 11 एसटीजी के किसान हरनेक सिंह ने बताया कि बरसात एवं ओलावृष्टि से लगभग दो से तीन क्विंटल प्रति बीघा का नुकसान हुआ है। गांव चक जहाना के किसान राजेन्द्र शर्मा, सेवक सिंह ने बताया कि उनके गांव तथा आसपास के चक 16, 17 एसटीजी में तूफान के साथ हुई बरसात एवं लगभग पांच मिनट तक बेर आकार के ओलों से घर के आंगन में सूखने के लिए डाल रखी तथा खेत खलिहान में धान की फसल को नुकसान हुआ है। कस्बे की अनाज में नरमा कपास की फसल एवं धान की सूखने के लिए डाली फसल बरसात से भीग गई। चने आकार के ओलों से धरती सफेद हो गई। आसपास के गांव भांभू वाली, चक दो पीबीएन में भी हल्की बरसात के साथ चना आकार के ओले भी गिरे।
बरसात के साथ गिरे ओले
संगरिया. क्षेत्र में हवा के साथ बुधवार शाम बरसात हुई। कुछ गांवों में ओलावृष्टि से खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा। किसान जगतारसिंह खोसा, विक्रम कलहरी, ज्ञानप्रकाश गोदारा, अमोलकसिंह खोसा ने बताया कि बैमोसमी बरसात एवं ओले गिरने से सरसों व नरमा की फसल को नुकसान हुआ है। संतपुरा, मोरजंडसिखान, चक प्रतापनगर, भाखरांवाली आदि गांवों में शाम करीब पांच बजे मेघगर्जना के साथ करीब पांच-सात मिनट तक ओलावृष्टि से चादर सी बिछ गई। कस्बे समेत आस-पास के गांवों में हल्की बरसात के समाचार है। वहीं रुक-रुककर हो रही बारिश पौने सात बजे फिर से शुरु हो गई। [पसं.]

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