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कड़ाके की ठंड में भी नहीं टल रहा जल संकट, किसानों को अब बीबीएमबी से आस

Adrish Khan

Publish: Dec 15, 2019 12:29 PM | Updated: Dec 15, 2019 12:29 PM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर को 12 दिसम्बर के बाद चार में से दो समूह में चलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में किसानों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। हनुमानगढ़ जंक्शन में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय के समक्ष 11 किसान क्रमिक धरने पर बैठे।

कड़ाके की ठंड में भी नहीं टल रहा जल संकट, किसानों को अब बीबीएमबी से आस
- हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का क्रमिक धरना जारी
- मुद्दा दिल्ली तक गूंजा मगर अभी नहीं हो सका है समाधान
- बीबीएमबी की बैठक होगी 17 को
हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी नहर को 12 दिसम्बर के बाद चार में से दो समूह में चलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में किसानों का आंदोलन रविवार को भी जारी रहा। हनुमानगढ़ जंक्शन में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय के समक्ष 11 किसान क्रमिक धरने पर बैठे। किसान प्रतिनिधि पौंग डैम के जल स्तर तथा उसका आकलन कर मांग के अनुरूप पानी देने के मुद्दे पर वार्ता के लिए तैयार हैं। मगर अब तक जल संसाधन विभाग ने उनके आमंत्रण पर अपेक्षानुरूप रूख नहीं दिखाया है। इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है।
धरने पर किसानों ने मुख्य अभियंता के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने कहा कि मुख्य अभियंता रेग्यूलेशन के मामले में मनमर्जी बरत रहे हैं। इंदिरा गांधी नहर में चार में दो समूह में पानी चलाने की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुख्य अभियंता अपने हिसाब से आंकड़े रखकर तीन में एक समूह पानी चलाने की जिद पर अड़े हैं। अगर जल्दी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। क्रमिक धरने पर इंद्रजीत धारणिया, जयदेवसिंह खोसा, अमरचंद चाहर, रामस्वरूप उत्तम, जीतराम उत्तम, सतपाल धारणिया, अवतार सिंह, जगसीर जटाना, रूपसिंह चौहान, हरीश जाखड़ व घनश्याम खद्दा बैठे। इस दौरान भारतीय किसान संघ के संभाग उपाध्यक्ष गुलाबसिंह मोयल, धन्नाराम गोदारा, विनोद धारणिया, रामकुमार खिलेरी, प्रेम बेनीवाल, जसवंत जाखड़ आदि ने विचार व्यक्त किए। आजादी बचाओ आंदोलन संगठन ने किसानों के धरने को समर्थन दिया है। आंदोलन के मेजर सिंह आदि धरने में शामिल हुए। गौरतलब है कि पानी के इस मुद्दे की गूंज दिल्ली तक पहुंच चुकी है। दिल्ली में शुक्रवार को संपन्न बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ प्रदेश के कई सांसदों व विधायकों ने इस मुद्दे को लेकर चर्चा की थी।
मार्च वाला अब दो
भारतीय किसान संघ की ओर से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में मार्च में दिया जाने वाला पानी अभी देने की मांग की गई है। ज्ञापन के अनुसार दिसम्बर में एक अतिरिक्त बारी पानी दिया जाए। मार्च के अंत में जो बारी देनी जल संसाधन विभाग ने तय की है, वह अभी 12 दिसम्बर के बाद दिया जाए। क्योंकि शनिवार को पौंग डैम का लेवल 1374 फीट था। अक्टूबर-नवम्बर में बोई गई फसल चना व सरसों को अभी सिंचाई की जरूरत पड़ेगी। इस स्थिति में एक सिंचाई पानी के अभाव में फसल को नुकसान की आशंका है।
बैठक 17 को
किसान आंदोलन के दृष्टिगत चंडीगढ़ में बीबीएमबी की बैठक 17 दिसम्बर को होगी। इस संबंध में जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारियों के पास सूचना पहुंच चुकी है। बैठक में बीबीएमबी अब तक हुई आवक के आधार पर रिवाइज शेयर के बारे में राजस्थान स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
कॉन्फ्रेंस तय, फिर निरस्त
सिंचाई पानी आंदोलन के बीच जल संसाधन विभाग ने शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी थी। इसमें विभागीय तथा प्रशासनिक अधिकारी पानी की स्थिति, खपत वगैरह को लेकर अपना पक्ष रखने वाले थे। मगर बाद में ऐन वक्त पर कॉन्फ्रेंस निरस्त कर दी गई।
कराएंगे अवगत
बीबीएमबी की बैठक चंडीगढ़ में 17 को तय हो गई है। इसमें किसानों की मांग के संबंध में बीबीएमबी को अवगत कराया जाएगा। - विनोद मित्तल, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग।

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