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घग्घर बहाव क्षेत्र के तटबंधों का हों रखरखाव

Anurag Thareja

Publish: Jul 20, 2019 13:25 PM | Updated: Jul 20, 2019 13:25 PM

Hanumangarh

हनुमानगढ़. घग्घर का पानी हनुमानगढ़ पहुंचते ही जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ चुका है। शुक्रवार सुबह भद्रकाली मंदिर के पास घग्घर में अत्यधिक कैली आने के कारण बंधे टूटने की आशंका के चलते जिला प्रशासन के अधिकारी दिनभर वहां बैठे रहे। इस दौरान जेसीबी की मदद से कैली हटाने की कार्रवाई की गई।

 

 


घग्घर बहाव क्षेत्र के तटबंधों का हों रखरखाव
भद्रकाली मंदिर में बैठा रहा जिला प्रशासन

हनुमानगढ़. घग्घर का पानी हनुमानगढ़ पहुंचते ही जिला प्रशासन पूरी तरह हरकत में आ चुका है। शुक्रवार सुबह भद्रकाली मंदिर के पास घग्घर में अत्यधिक कैली आने के कारण बंधे टूटने की आशंका के चलते जिला प्रशासन के अधिकारी दिनभर वहां बैठे रहे। इस दौरान जेसीबी की मदद से कैली हटाने की कार्रवाई की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर अशोक कुमार असीजा ने घग्घर नदी में पानी की आवक होने पर तटबंध के रखरखाव हेतु हनुमानगढ़ घग्घर बाढ़ नियन्त्रण व ड्रेनेज खण्ड के अधिशासी अभियन्ता सुभाष बेदी को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया है। एडीएम ने अधिशासी अभियंता को घग्घर बहाव क्षेत्र के सभी तटबंधों का रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा ताकि अधिक मात्रा में पानी आने पर सुरक्षा की दृष्टि से किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़े। एडीएम असीजा ने बताया कि घग्घर नदी में पानी हनुमानगढ़ जिले में प्रवेश कर चुका है। यदि पीछे से पानी अधिक मात्रा में आता है तो सुरक्षा की दृष्टि से घग्घर नदी के तटबंध के रखरखाव जनधन व फसलों की सुरक्षा के उपाय करना आवश्यक होगा। घग्घर साइफन पर 5800 क्यूसेक पानी, पंजाब में पटियाला के पास गुल्लाचिका में 48220 क्यूसेक और पंजाब में टोहाना के पास खनोरी में 13750 क्यूसेक पानी चल रहा है। वहीं चांदपुर में 11900 क्सूसेक और ओटू से 10500 क्सूसेक पानी छोडा जा रहा है। घग्घर साइफन पर 5800 क्यूसेक और नाली बैड में 3000 क्यूसेक पानी चल रहा है। वहीं आरडी 42 जीडीसी में 2700 क्यूसेक पानी चल रहा है।