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तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने में जुटी टीम

Anurag Thareja

Publish: Dec 07, 2019 12:17 PM | Updated: Dec 07, 2019 12:17 PM

Hanumangarh

तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने में जुटी टीम
- जिला आबकारी अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने में जुटी टीम
- जिला आबकारी अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

हनुमानगढ़. टाउन स्थित जिला आबकारी विभाग में अब तक हुए दो करोड़ गबन के मामले में गुरुवार देर शाम तक अंतिम और तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार में अधिकारी जुटे रहे। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही उदयपुर मुख्यालय में अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा आबकारी निरीक्षकों की ओर से रावतसर, नोहर व भादरा थाने में फर्जी मुहर के आधार पर मदिरा का उठाव करने का मामला दर्ज कराने के लिए अलग से दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इसके अलावा आबकारी नियमों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में हुए एक करोड़ के गबन की वसूली करने के लिए देर शाम तक मंथन किया गया। इस तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के लिए बीकानेर आबकारी विभाग के अतिरिक्त आयुक्त भवानी सिंह राठौड़ ने जिला आबकारी अधिकारी संदीप कुमार पटावरी को निर्देश दिए हैं। इसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 में फर्जी चालान जमा कराने व जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि विभाग की ओर से इसकी रिकवरी की जा चुकी है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2018-19 में एक करोड़ गबन की वसूली व लापरवाही करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों की संयुक्त रिपोर्ट की मांग जिला आबकारी अधिकारी से की गई है। इसी के आधार पर वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी हुए एक करोड़ के गबन को लेकर संबंधित आबकारी निरीक्षकों को चार्जशीट जारी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिला आबकारी कार्यालय में रावतसर, नोहर, भादरा में मदिरा के उठाव में दो करोड़ का गबन सामने आ चुका हैं। इसमें एक करोड़ का गबन वित्तीय वर्ष 2019-20 व एक करोड़ का गबन वित्तीय वर्ष 2018-19 में किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक करोड़ के किए गबन की वसूली तो विभाग की ओर से की जा चुकी है। लेकिन वित्तीय वर्ष 2018-19 की रिकवरी किस आधार पर की जाए, इसके मंथन में जुटे है। 4 अप्रेल 2019 से लेकर 15 सितंबर 2019 तक आबकारी विभाग में हनुमानगढ़ की तहसील नोहर, भादरा व रावतसर में मदिरा के उठाव में एसबीआई बैंक की फर्जी मुहर लगाकर चालान जमा कर एक करोड़ का गबन किया गया था। गबन का खेल कबसे चल रहा है, वित्तीय वर्ष 2018-19 के रिकार्ड की जांच करने पर भी एक करोड़ और गबन होने का मामला सामने आया है। इस गबन में बैंक चालानों में एसबीआई व पीएनबी बैंक की फर्जी मुहर होना भी पाया गया है। वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2017-18 के दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

ईग्रास साइट में किया बदलाव
दरअसल शराब ठेकेदारों को गोदाम से मदिरा लेने के लिए राशि बैंक में जमा करवानी होती है। इसके लिए ईमित्र से तीन चालान निकलवाने पड़ते हैं। चालान की राशि संंबंधित पांच या छह बैंकों में से एक में जमा करवानी होती है। एक चालान की कॉपी बैंक के पास रहती है और दो चालान की कॉपी ठेकेदार को दी जाती हैं। इसमें से एक कॉपी ठेकेदार खुद के पास रखता है और दूसरी चालान की कॉपी मदिरा उठाने के लिए विभाग के संबंधित कार्यालय में जमा करवाई जाती है। इसके बाद ही आबकारी निरीक्षक की ओर से मदिरा के उठाव के लिए परमिट जारी किया जाता है। लेकिन आबकारी विभाग की ईग्रास साइट पर फर्जी चालान नंबर डालकर परमिट जारी किए जा रहे थे। इस गबन के बाद उदयपुर मुख्यालय ईग्रास साइट में बदलाव कर दिया है। अब ईग्रास पर चालान जमा होने की पुष्टि व बैंक में जमा हुई राशि का मिलान होने पर ही परमिट जारी किया जा रहा है।

कर रहे हैं रिपोर्ट तैयार
अतिरिक्त आयुक्त बीकानेर से तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने के आदेश मिले हैं। इसमें अधिकारी व कर्मचारी की रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी। इसी जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जानी है, उसकी की भी एक रिपोर्ट अलग से तैयार की जा रही है।
संदीप कुमार पटावरी, जिला आबकारी अधिकारी, हनुमानगढ़

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