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आधार लिंक की माथापच्ची से मुक्ति, पात्रता के लिए पुन: पंजीयन जरूरी

Adrish Khan

Publish: Sep 08, 2019 11:36 AM | Updated: Sep 08, 2019 11:36 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक कराने की माथापच्ची से मुक्ति मिली गई है। केन्द्र प्रवर्तित अल्पसंख्यक वर्ग की प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन के लिए आधार कार्ड व उससे बैंक खाता लिंक होना जरूरी नहीं है।

आधार लिंक की माथापच्ची से मुक्ति, पात्रता के लिए पुन: पंजीयन जरूरी
- पुन: ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाली शैक्षिक संस्थाओं के विद्यार्थियों को ही मिलेगी छात्रवृत्ति
- अल्पसंख्यक उत्तर मैट्रिक तथा मेरिट कम मींस छात्रवृत्ति का मामला
हनुमानगढ़. विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक कराने की माथापच्ची से मुक्ति मिली गई है। केन्द्र प्रवर्तित अल्पसंख्यक वर्ग की प्री मेट्रिक, पोस्ट मेट्रिक तथा मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति के ऑनलाइन आवेदन के लिए आधार कार्ड व उससे बैंक खाता लिंक होना जरूरी नहीं है। यद्यपि दो वर्ष पहले अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने इसे अनिवार्य कर दिया था। इसके अभाव में छात्रवृत्ति की राशि तो दूर, ऑनलाइन आवेदन भी मंजूर नहीं किए जाने का आदेश जारी किया गया था। मगर अब छात्रवृत्ति के लिए आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक कराने की जरूरत नहीं है।
दूसरी ओर शिक्षण संस्थाओं को फिर से ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमरङ्क्षसह ढाका ने बताया कि पोर्टल पर सभी संस्थाओं के पंजीकृत ईमेल आईडी व मोबाइल नंबर पहले ही डीएक्टिवेट किए जा चुके हैं। पुन: पंजीकरण के लिए शिक्षण संस्थाओं को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद होम पेज पर प्रदर्शित संस्था रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद ऑनलाइन फॉर्म सबमिट कर रेफरेंस आईडी प्राप्त कर इसे नोट करना होगा। फार्म का प्रिंटआउट संस्था प्रधान को प्रमाणित करवाकर उसकी एक प्रति जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा कराना होगी। जिला नोडल अधिकारी के वेरीफिकेशन के बाद शिक्षण संस्था को नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर एक्टिवेट कर दिया जाएगा। रजिस्ट्रेशन फार्म की दूसरी प्रति को संस्था को अपने रिकॉर्ड के लिए रखनी होगी। उसे आवश्यकता पडऩे पर जिला अथवा नोडल अधिकारी पुन: मांग सकते हंै। इसके अलावा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने एक अन्य कदम उठाते हुए जिन संस्थाओं के डाइस या एआईएसएचई कोड नहीं है उनको डी रजिस्टर्ड कर दिया है। उन्हें विभाग से कोड प्राप्त कर पुन: रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। पहली बार जो संस्थाएं पंजीकृत होना चाहती उन्हें मान्यता सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होगा। वहां उन्हें पोर्टल पर जोड़े जाने की प्रक्रिया बताई जाएगी।


फिर दिया मौका
ऐसी संस्थाएं जो अपना यूजर आईडी व पासवर्ड भूल गए हैं, उन्हें भी अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क करना होगा। संस्थाओं में नए कोर्स अगर जुड़ गए हैं तो उसके लिए संस्था स्तर पर ही पोर्टल पर कोर्स अपडेट करने होंगे। इस संबंध में विस्तृत विज्ञप्ति शीघ्र जारी होगी। विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान आधार कार्ड की जानकारी अनिवार्य रूप से देनी होगी। या फिर आधार के लिए किए आवेदन की आईडी स्लिप अपलोड करनी होगी।


यह चाहिए दस्तावेज
छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन के लिए बैंक पासबुक में फोटो लगे पृष्ठ की प्रति, राशन कार्ड, परमानेंट अकाउंट नंबर की प्रति, पासपोर्ट व ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई दस्तावेज अपलोड करना होगा। देशभर में वित्तीय वर्ष 2019-20 में प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति में 30 लाख, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में 5 लाख एवं मेरिट कम मींस छात्रवृत्ति में 60,000 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। इसी टारगेट को पूरा करने के लिए राज्यवार भौतिक लक्ष्य दिए गए हैं। आर्थिक दृष्टि से कमजोर एवं अच्छे अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति में प्राथमिकता दी जाती है।
इनको मिलता है लाभ
अल्पसंख्यक छावृत्ति के तहत मुस्लिम, जैन, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध समुदाय के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तय की गई है। नेशनल स्कॉलरशिप नाम के मोबाइल एप का निर्माण भी प्रक्रिया की सुगमता के लिए किया गया है। विभागीय वेबसाइट पर स्कॉलरशिप स्कीम की जानकारी, प्राय: पूछे जाने वाले प्रश्नों के जवाबों की पीडीएफ फाइल उपलब्ध है। सत्र 2017-18 के दौरान जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिली है, उन्हें नवीनीकरण के लिए पुरानी एप्लीकेशन आईडी का ही उपयोग करना होगा। प्रत्येक स्कूल, कॉलेज को पोर्टल पर अपने पंजीकरण की प्रक्रिया को पुन: अविलंब पूरा करना होगा। जिले में संचालित समस्त शिक्षण संस्थाओं को मेल के माध्यम से परिपत्र भेजे जा रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसे वायरल किया जा रहा है। गत सप्ताह जयपुर में निदेशालय अल्पसंख्यक मामलात विभाग में आयोजित बैठक में इस संबंध में विस्तार से दिशा निर्देश दिए गए। नियमित रूप से किसी शिक्षण संस्था में अध्ययनरत विद्यार्थी जिन्होंने गत परीक्षा में 50 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें भौतिक लक्ष्य के अनुरूप मेरिट में आने पर छात्रवृत्ति दी जाएगी।


विद्यार्थी हित में बदलाव
आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक संबंधी अनिवार्यता समाप्त की जा चुकी है। शिक्षण संस्थाओं का फिर से ऑनलाइन पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। विद्यार्थियों के हित में अन्य कई बदलाव किए गए हैं। - अमरसिंह ढाका, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।