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हजारों गरीब छात्रों की छात्रवृति पर लटकी तलवार !

Manoj Goyal

Publish: Nov 15, 2019 11:48 AM | Updated: Nov 15, 2019 11:48 AM

Hanumangarh

आईटीआई का परीक्षा परिणाम आया नहीं और छात्रवृति के आवेदन हो गए बंद

आईटीआई के परीक्षार्थी नहीं भर पाए द्वितीय वर्ष के लिए छात्रवृति आवेदन

हनुमानगढ़. राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने उत्तर मैट्रिक छात्रवृति की आवेदन तिथि नहीं बढ़ाई तो राज्य के राजकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अध्ययनरत हजारों गरीब छात्र-छात्राओं की छात्रवृति पर तलवार लटक जाएगी। छात्रवृति नहीं मिलने की स्थिति में आर्थिक कारणों के चलते उनका अध्ययन भी प्रभावित हो सकता है।


सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जुलाई माह में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता देने के लिए उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया आरंभ की थी। फिर इसकी तिथि बढ़ा कर 31 सितम्बर कर दी गई। इसके बाद भी इसकी आवेदन तिथि बढ़ा कर 31 अक्टूबर 2019 कर दी गई। इस दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले छात्र-छात्राओं ने तो आवेदन कर दिए लेकिन आईटीआई में अध्ययन करने वाले राज्य के हजारों विद्यार्थी आवेदन नहीं कर पाए।


इसकी मुख्य वजह रही कि प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम अभी तक नहीं आया है। उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना के नियमानुसार द्वितीय वर्ष की छात्रवृति के लिए प्रथम वर्ष उत्र्तीण की अंकतालिका अनिवार्य है। ऐसे में परीक्षा परिणाम नहीं आने से विद्यार्थी आवेदन पत्र नहीं भर पाए और दूसरी तरफ उत्तर मैट्रिक छात्रवृति योजना की आवेदन तिथि पूर्ण हो गई और पोर्टल बंद हो गया है।


अल्पसंख्यक वर्ग की बढ़ गई तिथि
आईटीआई के परीक्षा परिणाम की लेटलतीफी के चलते अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के विद्यार्थी ही छात्रवृति से वंचित नहीं रहे हैं बल्कि अल्पसंख्यक वर्ग के हजारों विद्यार्थी भी छात्रवृति से वंचित रह गए थे। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली छात्रवृति की आवेदन तिथि भी 31 अक्टूबर थी, जिसे अब विभाग ने बढ़ा कर 15 नवम्बर कर दिया है। अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रवृति आवेदन में भी प्रथम वर्ष की अंकतालिका अनिवार्य है।


आईटीआई के आवेदन भी अक्टूबर तक हुए जमा
खास बात यह है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जहां 31 अक्टूबर को छात्रवृति के आवेदन बंद कर दिए, वहीं प्राविधिक शिक्षा निदेशालय, जोधपुर ने राजकीय और निजी आईटीआई के विभिन्न ट्रेड में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर रखी थी। ऐसे में 15 तक आवेदन हुए, आईटीआई संस्थान अलॉट हुए, स्वाभाविक है, इस प्रक्रिया में अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के सैकड़ों छात्र-छात्राएं छात्रवृति आवेदन ही नहीं भर पाए।


क्या है छात्रवृति योजना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बीपीएल वर्ग के छात्र-छात्राओं को उत्तर मेट्रिक छात्रवृति योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए संस्थानों की परीक्षा एवं शैक्षणिक शुल्क का 50 से 75 प्रतिशत तक छात्रवृति देता है। इसके लिए ऑन लाइन आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र के तहत भरवाए जाते हैं।

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