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फिर से खुलेगा पोर्टल, किसानों को मिलेगा करोड़ों का क्लेम

Purushotam Jha

Publish: Dec 11, 2019 20:26 PM | Updated: Dec 11, 2019 20:26 PM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल पर डाटा अपडेटेशन का काम बंद होने के कारण करीब डेढ़ वर्ष से बीमा क्लेम के लिए चक्कर काट रहे जिले के हजारों किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार की तरफ से लगातार पत्राचार करने के बाद अब केंद्र सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का राष्ट्रीय पोर्टल १६ से २७ दिसम्बर तक के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है।

 

फिर से खुलेगा पोर्टल, किसानों को मिलेगा करोड़ों का क्लेम
-प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ २०१८ व रबी २०१८-१९ के बकाया डाटा हो सकेंगे अपलोड
-केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पोर्टल को १६ से २७ दिसम्बर तक खोलने के निर्देश किए जारी
हनुमानगढ़. सरकार के राष्ट्रीय पोर्टल पर डाटा अपडेटेशन का काम बंद होने के कारण करीब डेढ़ वर्ष से बीमा क्लेम के लिए चक्कर काट रहे जिले के हजारों किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार की तरफ से लगातार पत्राचार करने के बाद अब केंद्र सरकार के सहयोग से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का राष्ट्रीय पोर्टल १६ से २७ दिसम्बर तक के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे अब खरीफ २०१८ व रबी २०१८-१९ में बकाया बीमा प्रकरणों के डाटा अपडेटेशन का काम शुरू हो सकेगा। किसान हितों का ध्यान रखते हुए सरकार स्तर पर पोर्टल को फिर से विशेष समय अवधि के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे हजारों किसानों के लिए अब फसल खराबा होने पर बीमा क्लेम मिलने का रास्ता साफ हो गया है। कृषि भवन दिल्ली की ओर से जारी निर्देश में पोर्टल खोलने का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में कृषि विभाग हनुमानगढ़ के उप निदेशक दानाराम गोदारा व सहायक निदेशक बलवीर खाती ने संबंधित बीमा कंपनी और बैंकों को अवगत करवा दिया है। उप निदेशक दानाराम गोदारा ने बताया कि बुधवार शाम को पोर्टल खोलने के संबंध में हमें निर्देश प्राप्त हुआ। इसके बाद इस संबंध में सभी अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। कृषि अधिकारियों की मानें तो पोर्टल को फिर से खोलने के निर्णय से जिले में ५० से ६० करोड़ के बीमा क्लेम को लेकर रास्ता साफ हो गया है। केवल खरीफ २०१८ में कृषक हिस्सा राशि के तौर पर किसानों के खाते से आठ करोड़ रुपए का प्रीमियम काट लिया गया था। इसी तरह रबी सीजन में भी काफी प्रकरण लंबित हैं। प्रीमियम कटौती के बावजूद पोर्टल के बंद होने के कारण किसानों को फसल खराबे के बाद बीमा क्लेम का लाभ नहीं मिल पा रहा था। बताया जा रहा है कि पचास से साठ करोड़ रुपए तक का बीमा क्लेम अभी तक केवल पोर्टल पर डाटा अपडेट नहीं होने के कारण अटका हुआ है। अब पोर्टल पर बकाया डाटा अपलोड होने के बाद किसानों को बीमा क्लेम मिलने की उम्मीद फिर से जगी है। किसानों के सामने आ रही इस समस्या को लेकन राजस्थान पत्रिका ने लगातार खबरों का प्रकाशन किया। इसके बाद केंद्र व राज्य सरकार स्तर पर हुई। सामूहिक प्रयासों के चलते अब फिर से पोर्टल खोलने का निर्णय लिया गया है।

पत्रिका बना आवाज
पीएम फसल बीमा के पोर्टल पर हजारों किसानों का डाटा अपडेट नहीं होने की समस्या को लेकर पत्रिका ने २७ नवम्बर के अंक में ‘पोर्टल के पंगे में फंसा करोड़ों का फसल बीमा क्लेम’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया। तथ्यात्मक समाचारों का प्रकाशन होने के बाद जागरूक किसानों ने धरना-प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाया। जिसके परिणामस्वरूप अब पीएम फसल बीमा के पोर्टल को खोलने का निर्देश जारी किया गया है।

खबर छपने पर जागे
बताया जा रहा है कि हनुमानगढ़ जिले से खरीफ २०१८ में करीब सवा आठ करोड़ की राशि प्रीमियम पेटे बीमा कंपनियों के खाते में जमा करवा दी गई। लेकिन बैंकों ने इसका रिकॉर्ड राष्ट्रीय पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। इस बारे में बैंक अधिकारियों ने आधार कार्ड व भूमि का रिकॉर्ड मिसमैच होने हवाला दिया। दूसरी तरफ पोर्टल का पेच सुलझाने को लेकर बीमा कंपनी ने भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई। पत्रिका में समाचारों का प्रकाशन होने के बाद क्लेम का मामला विधानसभा में भी विधायकों ने खूब उठाया। जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ने भी नियमित रूप से बीमा क्लेम अटकने के मामले की लगातार निगरानी कर राज्य सरकार से पत्राचार किया। जिसके कारण अब फिर से पोर्टल खोलने का निर्णय लिया गया है।

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