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नेताजी रहेंगे चुनाव में व्यस्त, बदली जा सकती है पुरस्कार वितरण की तारीख

Adrish Khan

Publish: Nov 14, 2019 11:52 AM | Updated: Nov 14, 2019 11:52 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी जयंती पर उनके नाम से चार साल बाद फिर शुरू किया गया इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण से पहले ही खटाई में पड़ गया है। क्योंकि इंदिरा गांधी जयंती के दिन ही नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना है।

नेताजी रहेंगे चुनाव में व्यस्त, बदली जा सकती है पुरस्कार वितरण की तारीख
- इंदिरा गांधी जयंती पर पुरस्कार वितरण को लेकर अभी नहीं कोई निर्देश
- 19 नवम्बर को मतगणना के चलते जयंती पर पुरस्कार वितरण पड़ सकता है खटाई में
हनुमानगढ़. इंदिरा गांधी जयंती पर उनके नाम से चार साल बाद फिर शुरू किया गया इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण से पहले ही खटाई में पड़ गया है। क्योंकि इंदिरा गांधी जयंती के दिन ही नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना है। आचार संहिता के कारण जनप्रतिनिधि पुरस्कार नहीं बांट सकेंगे। जबकि शिक्षा विभाग के अधिकारी मतगणना में व्यस्त रहेंगे। जन प्रतिनिधि व शिक्षा अधिकारी दोनों ही इसमें शामिल नहीं हो सकेंगे। जन प्रतिनिधि चाहते हैं कि वे पुरस्कार वितरित कर सरकार की उपलब्धियों का बखान करे। ऐसे में संभावना है कि बसंती पंचमी पर गार्गी पुरस्कार के साथ ही यह पुरस्कार बांटा जाए।
इंदिरा गांधी जयंती ठीक एक सप्ताह बाद है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास पुरस्कार वितरण को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं है। इस वजह से पुरस्कार समारोह स्थल से लेकर अन्य कोई तैयारी नहीं की गई है। चयनित छात्राओं व परिजनों को कोई निमंत्रण भी नहीं दिया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो पुरस्कार वितरण इंदिरा गांधी जयंती पर स्थगित किया जा सकता है। यह स्थिति पूरे प्रदेश में है।


बदला था नाम
राज्य में सरकार बदलने के बाद फिर से 'इंदिरा प्रियदर्शिनीÓ पुरस्कार इंदिरा गांधी जयंती पर देने का निर्णय किया गया था। पुरस्कार वितरण की तारीख और उसका नाम फिर से पूर्व की भांति करने के साथ छात्राओं को लाभान्वित करने का दायरा भी बढ़ाया गया था। 2015 में इसका नाम बदल पद्माक्षी कर दिया था। इंदिरा गांधी जयंती की बजाय जनवरी में गार्गी पुरस्कार के साथ दिया जाने लगा था। अपने वर्ग में जिले में प्रथम छात्रा को यह पुरस्कार मिलता है। यह पुरस्कार सरकार ने वर्ष 2008-09 में शुरू किया था। पहले बतौर पुरस्कार छात्रा को प्रशस्ति पत्र के साथ चालीस व पचास हजार रुपए का चेक दिया जाता था। बाद में वर्ष यह राशि चालीस से बढ़ाकर पिचहत्तर हजार तथा एक लाख रुपए कर दी गई थी। कक्षा दस की छात्राओं को पिचहत्तर हजार तथा बारहवीं की छात्राओं को एक लाख रुपए दिए जाते हैं। जबकि कक्षा आठवीं की छात्राओं को चालीस हजार रुपए दिए जाते हैं। बारहवीं की छात्राओं को राशि के साथ-साथ स्कूटी भी दी जाती है।


1320 को प्रतीक्षा
प्रत्येक जिले में कक्षा 8, 10 व 12 की आठ-आठ छात्राओं को यह पुरस्कार दिया जाता है। इसमें सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, एसबीसी, अल्पसंख्यक, बीपीएल व दिव्यांग वर्ग से एक छात्रा का चयन किया जाता है। प्रदेश भर में कुल 1320 छात्राएं पुरस्कृत होंगी। पहले बारहवीं कक्षा में जिले से केवल आठ छात्राओं का चयन होता था। अब प्रत्येक जिले में बारहवीं कक्षा की 24 छात्राओं को पुरस्कार दिया जाएगा। आठ-आठ छात्राओं का चयन कला, विज्ञान व वाणिज्य संकाय से किया गया है।


नहीं निर्देश
इंदिरा प्रियदर्शिनी पुरस्कार वितरण को लेकर अभी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। संभावना है कि मतगणना के कारण पुरस्कार वितरण स्थगित किया जा सकता है। - तेजासिंह गदराना, सीडीईओ हनुमानगढ़।

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