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मेरिट, शिखर के बाद इस बार मिशन राइज, चार साल में सुधरा सरकारी पाठशालाओं का हाल

Adrish Khan

Publish: Dec 04, 2019 22:14 PM | Updated: Dec 04, 2019 22:14 PM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. जिले के सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार के लिए इस बार मिशन राइज 2020 शुरू किया गया है। चार साल पहले मिशन मेरिट चलाकर यह प्रयास प्रारंभ किया गया था जो बाद में मिशन शिखर में बदल गया। अब इसका नामकरण हो गया है मिशन राइज।

मेरिट, शिखर के बाद इस बार मिशन राइज, चार साल में सुधरा सरकारी पाठशालाओं का हाल
- बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए जिले में इस बार चलेगा मिशन राइज 2020
- हनुमानगढ़ से शुरू किया गया नवाचार अपनाया पूरे राज्य में
हनुमानगढ़. जिले के सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधार के लिए इस बार मिशन राइज 2020 शुरू किया गया है। चार साल पहले मिशन मेरिट चलाकर यह प्रयास प्रारंभ किया गया था जो बाद में मिशन शिखर में बदल गया। अब इसका नामकरण हो गया है मिशन राइज। अगर सरकारी विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणाम पर नजर डालें तो चार साल पहले तक जो नतीजे आ रहे थे, उनमें जबरदस्त सुधार हुआ है। परिणाम सुधार के लिए जो नाम बदल-बदल कर मिशन चलाए जा रहे हैं, यह उनका ही नतीजा है।
वर्ष 2015 में जिले के सरकारी स्कूलों का कला संकाय का परिणाम 88.13 प्रतिशत था जो वर्ष 2019 में बढ़कर 91.88 फीसदी हो गया है। इसमें साल दर साल निरंतर सुधार हुआ है। इसी तरह 2015 में वाणिज्य संकाय का परिणाम 68.11 प्रतिशत था। वर्ष 2019 में यह 98.56 प्रतिशत रहा। मतलब चार वर्ष में 30 प्रतिशत तक सुधार हो चुका है। यह सब सुनियोजित ढंग से चलाए जा रहे बोर्ड परीक्षा परिणाम उन्नयन मिशन के चलते संभव हो सका है। 2015 में कक्षा दस का परिणाम 82.47 था जो 2019 में 82 प्रतिशत रहा। दसवीं का परिणाम इस वर्ष ओवरऑल पूरे राज्य में ही गिरा। जिले का ओवरऑल परिणाम तो 80 प्रतिशत ही था। जबकि सरकारी विद्यालयों का परिणाम 82 प्रतिशत रहा था।


मिशन राइज में क्या
एडीईओ माध्यमिक मुख्यालय रणवीर शर्मा ने बताया कि मिशन राइज के तहत परिणाम सुधार के उद्देश्य से समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है। इसके तहत जनवरी में कक्षा दस तथा बारहवीं की तीन बार बोर्ड पैटर्न के आधार पर परीक्षा ली जाएगी। प्रथम टर्म में छह से दस जनवरी तक परीक्षा होगी। इसमें साठ प्रतिशत पाठ्यक्रम आएगा। द्वितीय टर्म में 16 से 21 जनवरी के बीच परीक्षा होगी। इसमें शेष 40 प्रतिशत पाठ्यक्रम आएगा। फिर 27 से 31 जनवरी तक प्री बोर्ड परीक्षा होगी। इसमें सम्पूर्ण पाठ्यक्रम शामिल होगा। प्रथम टर्म व द्वितीय टर्म के प्रश्न पत्र तथा पाठ्यक्रम विभाजन संस्था प्रधानों व विद्यालयों की ई-मेल आईडी पर भेजे जाएंगे। प्री बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र तहसील नोडल पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। बोर्ड कक्षाओं का पाठ्यक्रम अद्र्धवार्षिक परीक्षा से पहले पूर्ण कराने का आदेश दिया गया है।


अभिभावक होंगे अवगत
सीडीईओ तेजासिंह गदराना ने बताया कि प्रथम टर्म, द्वितीय टर्म तथा प्री बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तीन में करनी होगी। इसके तुरंत बाद विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को परिणाम से अवगत कराया जाएगा ताकि सुधार में वे भी सहयोग दे सके।


सुधार मगर परेशानी भी
चार साल पहले जिले में ही मिशन मेरिट जैसा नवाचार किया गया। इसकी सफलता देख अन्य जिलों ने भी इसे अपनाया। इससे बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हुआ। लेकिन बजट की ठोस व्यवस्था नहीं होने से यह आवासीय मिशन चलाने में दिक्कतें आई। इसके तहत छांटे गए होनहार विद्यार्थियों को अलग रखकर परीक्षा की तैयारी कराई गई। विद्यार्थियों को होम सिकनेस जैसी परेशानी हुई। ऐसे में अब विद्यालय स्तर पर ही होनहार व कमजोर विद्यार्थियों की छंटनी कर उनके हिसाब से परीक्षा की तैयारी कराने में ध्यान दिया जा रहा है।

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