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टोल वसूल लागू करने पर सड़कों पर उतरें कई संगठन

Anurag Thareja

Publish: Nov 03, 2019 21:25 PM | Updated: Nov 03, 2019 21:25 PM

Hanumangarh

हर तरफ जताया जा रहा आक्रोश
टोल वसूल लागू करने पर सड़कों पर उतरें कई संगठन

हर तरफ जताया जा रहा आक्रोश
टोल वसूल लागू करने पर सड़कों पर उतरें कई संगठन
पीलीबंगा. पीलीबंगा से सूरतगढ़ मार्ग पर स्थित रामपुरा के ग्रामीणों से सूरतगढ के पास बने टोल नाके पर टोल वसूलने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण रजीराम गोदारा के नेतृत्व में अन्य ग्रामीणों ने बताया कि रामपुरा से टोल नाका मात्र छह किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद उनसे वाहनों के आवागमन को लेकर टोल वसूला जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में रामपुरा से सूरतगढ़ तक जाने में उनसे टोल नाके पर टोल नहीं वसूला जाता था लेकिन पुन: टोल वसूली शुरू करने पर उनसे टोल वसूला जा रहा है जबकि वे टोलनाका कार्मिकों को रामपुरा में निवास को लेकर आईडी भी दिखाते है लेकिन कार्मिक मनमाना रवैया अपनाते हुए उनसे टोल वसूल रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि यदि उनसे टोल वसूली बंद नहीं की गई तो वे रणनीति बनाकर इसका विरोध करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार से टोलनाका संचालकों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश देने की मांग की ताकि उन्हें राहत मिल सके। उधर राजस्थान राज्य सड़क एवं विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी भीमसैन स्वामी ने बताया कि पूर्व में टोलनाका का ठेका किसी प्राईवेट व्यक्ति के पास था जो नजदीक स्थित गांवों के ग्रामीणों से टोल नहीं वसूलते थे लेकिन अब राज्य सरकार के आदेश पर वे टोल वसूल रहे है। उन्होंने बताया कि संभवत: 15-20 दिनों में टोलनाके के ठेके को लेकर नए टेण्डर होंगे। उसमें यदि संभव हुआ तो नजदीक गांवों के ग्रामीणों से टोल नहीं वसूलने के प्रयास किए जाएंगे।
सड़क उबड़ खाबड़ फिर वसूल रहे टोल
ग्रामीणों ने बताया कि फोरलेन पर जगह जगह सड़क क्षतिग्रस्त है। कई जगह उबड़ खाबड़ भी है ऐसे में दुपहिया वाहनचालकों के साथ सड़क दुर्घटना होने की संभावना बन सकती है। ऐसी उबड़ खाबड़ सड़क लखूवाली से रामपुरा के बीच तथा पीलीबंगा से कमाना के बीच स्थित है।
कई जगह सड़क टूटी हुई भी है। इस संबंध में परियोजना अधिकारी भीमसैन स्वामी ने बताया कि क्षतिग्रस्त व उबड़ खाबड़ सड़क की मरम्मत करवा दी जाएगी। (पसं)
नेताओं के वाहनों पर भी टोल टैक्स लागू करने की मांग की
नोहर. बार संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद आर्य ने निजी वाहनों पर टोल टैक्स लागू करने के विरोध में मुख्यमंत्री को पत्र भेज इस फैसले की निंदा की है। पत्र में लिखा कि जिस तरह निजी वाहन पर टोल टैक्स लागू किया है वैसे ही सरकार के मंत्रियों व नेताओं के लिए भी यह लागू किया जाना चाहिए। अगर सरकार राजनेताओं पर यह नियम लागू नहीं करती है तो यह सरकार की दोगली नीति को दर्शाएगा। राज्य सरकार ने घाटे को देखते हुए टोल टैक्स पुन: लागू करने का निर्देश दिया है। जबकि राजस्थान सरकार वर्तमान मंत्री व विधायकों के वेतन, भत्तों व पेंशन योजनाओं में कटौती की ओर ध्यान नहीं दे रही है। आर्य ने राजस्थान सरकार से मंत्री व विधायकों के लिए टोल टैक्स लागू करने व उनके भत्तों में कटौती करने की मांग की है।(पसं.)
गांव हो टोल फ्री घोषित, ग्रामीणों ने की मांग

नोहर. राज्य सरकार की ओर से निजी वाहनों से टोल वसूली की शुरुआत टोल नाके के पास बसने वाले गांवों के ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। तहसील के गांव टोपरियां में रावतसर मार्ग पर टोल नाके के पास दर्जन भर गांव के ग्रामीण खासे प्रभावित हुए हैं। इस संबंध में रविवार को ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य मिनाक्षी मुकेश सहारण के नेतृत्व में विधायक अमित चाचाण को ज्ञापन देकर टोल नाके के निकटवर्ती गांवों को टोल फ्री घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि खेती व व्यक्तिगत कार्यों के लिए उनका इस मार्ग पर दिन में कई बार आना-जाना होता है। ऐसे में इन गांवों के ग्रामीणों को टोल मुक्त घोषित किया जाए। इस मौके पर जिप सदस्य मिनाक्षी सहारण, सरपंच प्रतिनिधि गौरीशंकर तंवर, पूर्व सरपंच रूपराम मेघवाल, मुकेश सहारण, भालाराम सुथार, वैदप्रकाश डूडी, बेगराज दहिया, सुधीर गोदारा, सौरभ गोदारा, जगदीप धुंधवाल, भूपसिंह सहारण, घड़सीराम मेघवाल आदि मौजूद रहे। (नसं.)

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