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पचास हजार हेक्टेयर में घूम आया टिड्डी दल

Purushotam Jha

Publish: Oct 17, 2019 11:48 AM | Updated: Oct 17, 2019 11:48 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. जिले में टिड्डी दल का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तीसरे दिन अधिकारी व किसान मिलकर इस पर नियंत्रण के प्रयास में जुटे रहे। कृषि उप निदेशक दानाराम गोदारा ने बुधवार को कलक्टर जाकिर हुसैन से इस मुद्दे पर चर्चा की।

जिले में खरीफ सीजन में सात लाख हेक्टेयर में फसलों की हुई थी बिजाई
-कलक्टर से चर्चा के बाद विभाग ने सरकार से मांगा २५ लाख रुपए का बजट
हनुमानगढ़. जिले में टिड्डी दल का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तीसरे दिन अधिकारी व किसान मिलकर इस पर नियंत्रण के प्रयास में जुटे रहे। कृषि उप निदेशक दानाराम गोदारा ने बुधवार को कलक्टर जाकिर हुसैन से इस मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान विभाग ने टिड्डी नियंत्रण के लिए २५ लाख रुपए के बजट की मांग सरकार को भिजवाई है। ताकि समय पर किसानों को अनुदानित दर पर कीटनाशी रसायन उपलब्ध हो सके। विभाग का मानना है कि अभी तक पांच हजार हेक्टेयर में टिड्डी दल का ठहराव हो चुका है। इन क्षेत्रों में रोकथाम के उपाय जारी हैं। कलक्टर से चर्चा के बाद कृषि विभाग के उप निदेशक ने टिड्डी दल के प्रकोप से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाने के लिए कमेटी गठित कर दी। कृषि पर्यवेक्षक जगदीश दूधवाल ने बताया कि बुधवार को कोहला, गुरुसर, दस एसएसडब्ल्यू, लिखमीसर व उम्मेवाला आदि क्षेत्रों में टिड्डी दल के आने पर विभागीय टीम ने रोकथाम का पूरा प्रयास किया। क्षेत्र में टिड्डी के तीन दलों के पहुंचने की सूचना है। जहां-जहां प्रकोप नजर आ रहा है, वहां की सूचना किसान कृषि विभाग की ओर से स्थापित कंट्रोल रूम में दे सकते हैं। कृषि अधिकारियों ने बताया कि रात के समय किसानों को अधिक सजग रहने की जरूरत है। क्योंकि यह दल रात के समय अधिक सक्रिय रहता है। खेतों में खड़ी फसल को कुछ ही देर में चट कर जाता है। इसलिए किसानों को पूरे खेत में तेज आवाज के साथ हलचल करते रहना चाहिए। जिससे टिड्डी दल किसी खेत में ठहर ही नहीं पाए। खरीफ सीजन में करीब सात लाख हेक्टेयर में फसलों की बिजाई हुई है। इसमें वर्तमान में जिले में पचास हजार हेक्टेयर में टिड्डी दलों के घूमने की बात कृषि अधिकारी कह रहे हैं।