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685 में से 317 के पास मकानों के पट्टे, नगर परिषद को 157 की मिली पत्रावली

Anurag Thareja

Publish: Jan 20, 2020 12:08 PM | Updated: Jan 20, 2020 12:08 PM

Hanumangarh

685 में से 317 के पास मकानों के पट्टे, नगर परिषद को 157 की मिली पत्रावली
- गांधीनगर व भट्टा बस्ती की 183 बीघा भूमि पर सुनवाई आज
- नगर परिषद ने अपने अधिवक्ता को सौंपी तथ्यात्मक रिपोर्ट

हनुमानगढ़. गांधीनगर व भट्टा बस्ती के सैंकड़ों नागरिक अपने आशियाने के लिए चिंतित है। करीब 183 बीघा भूमि पर 685 मकान हैं, इनमें से 370 के पास मकानों के पट्टे हैं।

685 में से 317 के पास मकानों के पट्टे, नगर परिषद को 157 की मिली पत्रावली
- गांधीनगर व भट्टा बस्ती की 183 बीघा भूमि पर सुनवाई आज
- नगर परिषद ने अपने अधिवक्ता को सौंपी तथ्यात्मक रिपोर्ट

हनुमानगढ़. गांधीनगर व भट्टा बस्ती के सैंकड़ों नागरिक अपने आशियाने के लिए चिंतित है। करीब 183 बीघा भूमि पर 685 मकान हैं, इनमें से 370 के पास मकानों के पट्टे हैं। इस संबंध में नगर परिषद को अपने रिकार्ड 157 पट्टों की ही पत्रावली मिली है। यह पट्टे वर्ष 1997 के राज्य सरकार की ओर से गजट नोटिफिकेशन में गांधीनगर व भट्टा बस्ती की भूमि नगर पालिका को हस्तांतरित होने के बाद जारी किए गए। कुछ पट्टे रियासतकालीन समय में तत्कालीन राजा-महाराजा की ओर से जारी किए हुए व 1981 के सर्वे में मतदाता सूची के आधार पर पट्टे जारी किए हुए मिले हैं। इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर नगर परिषद ने अपने अधिवक्ता को सौंप दिया है। अधिवक्ता की ओर से मंगलवार को तथ्यात्मक रिपोर्ट हाइकोर्ट की सुनवाई में रखी जाएगी। जानकारी के अनुसार गांधीनगर व भट्टा बस्ती में कुल 685 मकान हंै। इनमें से गांधीनगर क्षेत्र में 374 व भट्टा बस्ती क्षेत्र में 311 परिवार निवास कर रहे हैं। इसके अलावा 62 में से करीब 12 भूखंडों का आवंटन नगर परिषद की ओर से किया जा चुका है। मामला कोर्ट में होने के कारण इन भूखंडों से संबंधित नगर परिषद ने आज तक लीडज डीड जारी नहीं की। इसके अलावा कई भूखंड रिक्त है और कई भूखडों में पशु रखने के लिए कच्चे मकान बना हुए हैं।

राजस्व विभाग बता चुका है रेलवे की भूमि
विधानसभा चुनाव से पहले मई 2018 में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे व नगर परिषद के अधिकारियों ने गांधीनगर व भट्टा बस्ती इलाके का संयुक्त सर्वे किया था। संयुक्त रिपोर्ट में राजस्व विभाग ने रिकार्ड के मुताबिक 183 बीघा भूमि रेलवे की बताई थी। इस रिपोर्ट में नगर परिषद अधिकारियों के हस्ताक्षर होने की भी बात कही जा रही है। इसी के आधार पर रेलवे ने हाइकोर्ट की सुनवाई में अपना पक्ष रख चुका है। इधर, नगर परिषद का दावा है कि 1997 में मंडी समिति से यह भूमि हैंडओवर की गई थी। इसका नियमिन कर व गेजेट नोटिफिकेशन होने के पश्चात 157 लोगों को मकानों के पट्टे दिए जा चुके हैं।

यह भी करवाएंगे अवगत
नागरिक इस भूमि पर कब से काबिज है और नागरिकों को दिए गए नियमन व पट्टे की प्रतिलिपि आदि दस्तावेज टीम के सदस्यों ने डोर-टू-डोर जाकर एकत्रित किए हैं। इसके प्रभारी सहायक अभियंता बंता सिंह है। गांधीनगर इलाके में सहायक अभियंता वेदपाल सिंह, प्रेमदास नायक के नेतृत्व में टीम घर-घर जाकर सर्वे किया। इनके साथ सहयोगी के तौर पर शांति बिस्सा व मुकेश कुमार रहे। इसी तरह भट्टा बस्ती में सहायक अभियंता मेघराज सिंह, कनिष्ठ अभियंता धीरज कुमार के साथ मैट नरेश कुमार रहे। जिन लोगों ने अभी तक अपने मकानों के पट्टे की प्रतिलिपि जमा नहीं करवाई है। वह जंक्शन स्थित नगर परिषद उपकार्यालय या फिर सबंधित इलाके की टीम के सदस्य को जमा करवा सकते हैं।

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