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पानी घटाने का इंडेंट भेजा, नहरी पानी के लिए धरतीपुत्रों का आंदोलन तीसरे दिन जारी

Purushotam Jha

Publish: Dec 11, 2019 12:10 PM | Updated: Dec 11, 2019 12:10 PM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर को बारह दिसम्बर के बाद चार में दो समूह में चलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में किसानों का बेमियादी पड़ाव बुधवार को तीसरे दिन जारी रहा। बताया जा रहा है कि अब किसान संगठन आंदोलन का अलग रास्ता अपनाएंगे। इससे पूर्व किसान नेताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय के समक्ष नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया।

 

पानी घटाने का इंडेंट भेजा, नहरी पानी के लिए धरतीपुत्रों का आंदोलन तीसरे दिन जारी

हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर को बारह दिसम्बर के बाद चार में दो समूह में चलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में किसानों का बेमियादी पड़ाव बुधवार को तीसरे दिन जारी रहा। बताया जा रहा है कि अब किसान संगठन आंदोलन का अलग रास्ता अपनाएंगे। इससे पूर्व किसान नेताओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय के समक्ष नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। किसान आंदोलन के बावजूद मुख्य अभियंता ने पूर्व में तैयार रेग्यूलेशन को लागू कर दिया। इससे अब यह तय हो गया है कि इंदिरागांधी नहर में बारह दिसम्बर के बाद तीन में एक समूह में ही नहरें चलेगी। जबकि किसानों की मांग है कि नहर को चार में दो समूह में चलाया जाए। बताया जा रहा है कि हरिके बैराज से पानी घटाने का इंडेंट विभाग ने बीबीएमबी को भेज दिया है। लेकिन अभी हरिके बैराज के आसपास बारिश होने के कारण पानी ठीक आ रहा है। लेकिन विभाग ने जो इंडेंट भिजवाया है, उसके अनुसार तीन मेें एक समूह में पानी चलाने का प्रस्ताव दिया गया है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य अभियंता मनमानी करने पर अड़े हुए हैं। विभाग ने जो रेग्यूलेशन बनाया है, वह किसान हित में नहीं है। इसलिए जरूरी है कि किसान हितों का ध्यान रखते हुए बारह दिसम्बर के बाद भी नहर को चार में दो समूह में चलाया जाए। ताजा हालात में मुख्य अभियंता विनोद कुमार मित्तल ने बताया कि वर्षा के बारे में सटीक अंदाजा नहीं लगा सकते। इसलिए किसानों की मांग के अनुसार पानी के मामले में इस वक्त रिस्क नहीं ले सकते। उन्होंने बताया कि पूर्व में तय रेग्यूलेशन के तहत एक रोटेशन तीन में एक समूह में चलाने के बाद जैसे ही आगामी समय में बरसात हो जाती है, विभाग रेग्यूलेशन की समीक्षा करके अगले रोटेशन को चार में दो समूह में चला देगा। लेकिन वर्तमान में उपलब्ध पानी के आधार पर इंदिरागांधी नहर को बारह दिसम्बर के बाद चार में दो समूह में चलाना संभव नहीं है। किसानों को इस बात के बारे में समझने की जरूरत है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भारतीय किसान संघ लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहा है। किसान संघ की ओर से पौंग बांध का जल स्तर १३७४ फीट बताकर व इसी आधार पर पानी की गणना करके किसानों में भ्रांति फैलाई जा रही है। जबकि बीबीएमबी की ओर से प्रत्येक वर्ष २१ सितम्बर को बांधों के जल स्तर के आधार पर सभी राज्यों का शेयर निर्धारण करने के बाद एक कॉमन पूल बना दिया जाता है। बांधों से जल निकासी विद्युत उत्पादन के मध्यनजर की जाती है। जो अलग-अलग बांधों से अलग-अलग हो सकती है। राजस्थान का शेयर कॉमन पूल से हरिके बैराज के जरिए दिया जाता रहा है, ना केवल एक विशेष बांध से। मुख्य अभियंता ने बताया कि प्रत्येक माह बीबीएमबी की ओर से नदियों में हो रही आवक के आधार पर शेयर का पुन: निर्धारण किया जाता है, बांधों में शेष रहे लेवल के आधार पर शेयर का निर्धारण कभी नहीं किया जाता। किसानों को पानी की वर्तमान स्थिति के बारे में अवगत करवाया गया है। लेकिन किसानों की ओर से बारह दिसम्बर से चार में दो समूह की एक बारी पानी चलाने की मांग की गई है। मुख्य अभियंता ने बताया कि विभाग ने जो रेग्यूलेशन बनाया है और किसान संगठन जिस रेग्यूलेशन की मांग कर रहे हैं, उसमें अधिक अंतर नहीं है। उपलब्ध पानी के आधार पर विभाग ने किसान हितों का ध्यान रखते हुए रेग्यूलेशन बनाया है।

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