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दहेज के लिए प्रताडि़त करने पर चार जनों को सजा

Purushotam Jha

Publish: Nov 27, 2019 11:41 AM | Updated: Nov 27, 2019 11:41 AM

Hanumangarh

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पीलीबंगा. प्रेमपुरा पंचायत के अधीन चक 24 पीबीएन-बी के निवासी चार जनों को दहेज प्रकरण के आरोप में न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष के कारावास व एक-एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। सहायक अभियोजन अधिकारी कुलदीपसिंह के अनुसार पंडितांवाली निवासी बिरमादेवी पुत्री गुटूराम मेघवाल की शादी वर्ष 2003 में चक 24 पीबीएन-बी निवासी रणजीतराम मेघवाल से हुई।

 

दहेज के लिए प्रताडि़त करने पर चार जनों को सजा
एक-एक हजार रुपए का अर्थदण्ड भी दिया
पीलीबंगा. प्रेमपुरा पंचायत के अधीन चक 24 पीबीएन-बी के निवासी चार जनों को दहेज प्रकरण के आरोप में न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष के कारावास व एक-एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। सहायक अभियोजन अधिकारी कुलदीपसिंह के अनुसार पंडितांवाली निवासी बिरमादेवी पुत्री गुटूराम मेघवाल की शादी वर्ष 2003 में चक 24 पीबीएन-बी निवासी रणजीतराम मेघवाल से हुई। शादी में उसके परिजनों ने आभूषण, शादी का घरेलू सामान सहित नगदी रूपए दिए। इससे ससुराल पक्ष के लोग राजी नहीं हुए तथा बिरमादेवी को दहेज कम लाने को लेकर प्रताडि़त करते रहे व उसे घर से निकाल दिया।
उन्होंने बिरमादेवी से अपने परिजनों से एक बाइक व 80 हजार रूपये दहेज में देने की मांग की। शादी के करीब दो साल बाद पति रणजीतराम मेघवाल की बीएसएफ में नौकरी लग गई। नौकरी लगने के बाद पति सहित अन्य ससुराल पक्ष के लोगों का उसके प्रति दुव्र्यव्हार और अधिक बढ़ गया। इस प्रकरण को लेकर कई बार पंचायत भी हुई लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसके बाद पति रणजीतराम, काशीराम, धर्मपाल, कमलादेवी व पानादेवी ने उसे दहेज के लिए तंग परेशान कर घर से निकाल दिया।
बिरमादेवी ने वर्ष 2009 में स्थानीय न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ इस्तगासा दायर किया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस थाने में 15 अप्रेल 2009 में उक्त आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रकरण को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ।। उक्त प्रकरण की जांच रावतसर पुलिस उप अधीक्षक ने की। उप अधीक्षक ने दोनों पक्षों की सुनवाई की तथा दोनों में सहमति के प्रयास किए लेकिन सहमति नहीं बनी।
इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक ने उक्त प्रकरण की जांच स्थानीय पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने अनुसंधान कर उक्त आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव जांगिड़ ने उक्त प्रकरण में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी पति रणजीतराम, जेठ धर्मपाल, ननद कमलादेवी व सास पानादेवी को तीन-तीन वर्ष के कारावास तथा एक-एक हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया। राज्य की ओर से पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी कुलदीपसिंह सिहाग ने की। (पसं)

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