स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

किनोवा के बीज भी मिलेंगे किसानों को

Purushotam Jha

Publish: Nov 06, 2019 19:20 PM | Updated: Nov 06, 2019 19:20 PM

Hanumangarh

https://www.patrika.com/hanumangarh-news/

हनुमानगढ़. इस बार राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से किसानों को किनोवा के बीज भी उपलब्ध करवाया जाएंगे। प्रमाणित बीज की विक्रय दरें निर्धारित करके राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड ने सभी प्रबंधकों को प्लांट वाइज बीज उपलब्ध करवा दिए हैं।

 


-राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड के प्लांट पर बीज उपलब्ध

हनुमानगढ़. इस बार राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से किसानों को किनोवा के बीज भी उपलब्ध करवाया जाएंगे। प्रमाणित बीज की विक्रय दरें निर्धारित करके राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड ने सभी प्रबंधकों को प्लांट वाइज बीज उपलब्ध करवा दिए हैं। संभवतया इस बार पहली बार ही जिला स्तर किसानों को किनोवा के प्रमाणित बीज उपलब्ध होंगे। किनोवा के बीज किसानों को १०० रुपए प्रति किलो तथा दस हजार रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मिलेंगे। जबकि बाजार में इसके रेट डेढ़ सौ से ढाई सौ रुपए प्रति किलो हैं। किनोवा की खेती को लेकर कृषि विभाग भी किसानों को जागरूक कर रहा है। लेकिन कुछ प्रगतिशील किसानों का कहना है कि सरकार इसकी खेती को तो बढ़ावा दे रही है। लेकिन जो किसान खेती कर रहे हैं, उन्हें बाजार उपलब्ध करवाने में सरकार नाकाम हो रही है। जिले में किनोवा की बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसान श्रवण विजय सिंह सहारण के अनुसार किनोवा के बीज राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से किसानों को उपलब्ध करवाया जाना सराहनीय है। लेकिन जरूरी है कि जो किसान खेती करेंगे, उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए सरकार बाजार भी उपलब्ध करवाए। किनोवा बीज के अलावा गेहूं, सरसों, चना, जई, मैथी व धनिया के बीज भी किसानों को उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इन बीजों का पर्याप्त स्टॉक राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड के स्थानीय कार्यालय में उपलब्ध है। हनुमानगढ़ प्लांट के प्रबंधक दिनेश परसोया ने बताया कि किसान अनुदानित दरों पर हमारे यहां से बीज ले जा सकते हैं। बीजों का पर्याप्त भंडारण हमारे प्लांट पर कर लिया गया है।

बिजाई का उपयुक्त समय
किनोवा की बिजाई अक्टूबर मध्य में शुरू कर दी जाती है। पूरे नवम्बर माह तक इसकी बिजाई की जा सकती है। इस फसल की खेती में सिंचाई पानी की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती। बिजाई से पकाई तक दो से तीन सिंचाई पानी में यह फसल तैयार हो जाता है। किनोवा खून की कमी को दूर करने में सहायक होता है। इसमें पोषक तत्व खूब होते हैं।

[MORE_ADVERTISE1]