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आबकारी विभाग ने कार्रवाई के लिए कसी कमर

Anurag Thareja

Publish: Dec 05, 2019 12:01 PM | Updated: Dec 05, 2019 12:01 PM

Hanumangarh


आबकारी विभाग ने कार्रवाई के लिए कसी कमर
- अतिरिक्त आयुक्त ने जिला आबकारी अधिकारी को कार्रवाई करने के दिए निर्देश


आबकारी विभाग ने कार्रवाई के लिए कसी कमर
- अतिरिक्त आयुक्त ने जिला आबकारी अधिकारी को कार्रवाई करने के दिए निर्देश

हनुमानगढ़. आबकारी विभाग ने करीब 60 दिन बाद कार्रवाई के लिए कमर कसी है। इसके लिए आबकारी विभाग के वित्तीय सलाहकार बीकानेर अतिरिक्त आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में फर्जी चालान जमा कराने व जमा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला आबकारी अधिकारी संदीप कुमार पटावरी को निर्देशित किया गया है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी हुए एक करोड़ के गबन को लेकर संबंधित आबकारी निरीक्षकों को चार्जशीट जारी की जाएगी और ठेकेदारों से रिकवरी करने व एफआईआर दर्ज कराने के लिए दिशा -निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार उदयपुर आबकारी मुख्यालय से बीकानेर आबकारी अतिरिक्त आयुक्त भवानीसिंह राठौड़ को ठोस कार्रवाई के आदेश भेजे जा चुके हैं। इसके आधार पर ही हनुमानगढ़ के जिला आबकारी अधिकारी की ओर से अब कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि जिला आबकारी कार्यालय में रावतसर, नोहर, भादरा में मदिरा के उठाव में दो करोड़ का गबन सामने आ चुका हैं। इसमें एक करोड़ का गबन वित्तीय वर्ष 2019-20 व एक करोड़ का गबन वित्तीय वर्ष 2018-19 में किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में एक करोड़ के किए गबन की वसूली तो विभाग की ओर से की जा चुकी है। लेकिन वित्तीय वर्ष 2018-19 की रिकवरी किस आधार पर की जाए, इस पर मत्थापच्ची जारी है।
उल्लेखनीय है कि 4 अप्रेल 2019 से 15 सितंबर 2019 तक आबकारी विभाग में हनुमानगढ़ की तहसील नोहर, भादरा व रावतसर में मदिरा के उठाव में बैंक के फर्जी चालान जमा कर एक करोड़ के गबन का मामला सामने आया था। वित्तीय वर्ष 2018-19 के रिकार्ड की जांच करने पर एक करोड़ और गबन होने का मामला सामने आया है। वर्तमान में वित्तीय वर्ष 2017-18 के दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।

60 दिन से जांच, नहीं हुई कार्रवाई
टाउन के जिला आबकारी कार्यालय में गबन का खेल कब से चल रहा है इसकी जांच पांच अक्टूबर 2019 से चल रही है। जांच को 60 दिन हो चुके हैं। लेकिन अभी तक विभाग की ओर से गबन में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। अभी तक इस मामले में चार अक्टूबर को कनिष्ठ सहायक इंद्रजीत सिंह को ही निलंबत किया गया।

राशि जब्त की दी चेतावनी तो हुई रिकवरी
चालू वित्तीय वर्ष में चार अप्रेल से सितंबर के पहले सप्ताह तक हुए गबन के मामले में विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने व 26 प्रतिशत धरोहर राशि जब्त करने की चेतावनी दी। तब जाकर 96 लाख रुपए की रिकवरी हुई। लेकिन, वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी एक करोड़ के गबन की रिकवरी करना विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। मार्च में मदिरा दुकानों की पुन: लॉटरी होने पर पुराने ठेकेदार अपनी धरोहर राशि भी वापस ले चुके हैं।
कार्रवाई के लिए दिए जा चुके हैं निर्देश
हनुमानगढ़ में मदिरा के उठाव के लिए बैंक के फर्जी चालान जमा करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने व आबकारी निरीक्षकों को चार्जशीट जारी करने के निर्देश जिला आबकारी अधिकारी हनुमानगढ़ को दिए जा चुके हैं।
भवानी सिंह राठौड़, अतिरिक्त आयुक्त, आबकारी विभाग, बीकानेर

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