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राजस्थान इंजीनियर्स एकता मंच के बैनर तले अभियंताओं ने किया प्रदर्शन, जताया रोष

Purushotam Jha

Publish: Jan 08, 2020 21:53 PM | Updated: Jan 08, 2020 21:53 PM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में गत वर्ष रीलाइनिंग कार्य में कथित रूप से अनियमितता बरतने के मामले में एसीबी में कुछ अभियंताओं पर मामला दर्ज होने के बाद अब यह मामला तूल पकडऩे लगा है। उक्त मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से अभियंताओं की कार्यशैली को लेकर दिए गए बयान पर विभागीय अभियंताओं ने नाराजगी जाहिर की।

 

राजस्थान इंजीनियर्स एकता मंच के बैनर तले अभियंताओं ने किया प्रदर्शन, जताया रोष
हनुमानगढ़. इंदिरागांधी नहर में गत वर्ष रीलाइनिंग कार्य में कथित रूप से अनियमितता बरतने के मामले में एसीबी में कुछ अभियंताओं पर मामला दर्ज होने के बाद अब यह मामला तूल पकडऩे लगा है। उक्त मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से अभियंताओं की कार्यशैली को लेकर दिए गए बयान पर विभागीय अभियंताओं ने नाराजगी जाहिर की। जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई की ओर से मापदंड के अनुसार निर्माण नहीं करवाए जाने का आरोप लगाने पर विभागीय अभियंताओं में रोष बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग उत्तर संभाग से जुड़े अभियंताओं ने सोमवार को बैठक व सभा कर आंदोलन की रणनीति बनाई। नारेबाजी करते हुए सभी अभियंता विश्राम गृह पहुुंचे। दोपहर करीब एक बजे जंक्शन में जल संसाधन विभाग के विश्राम गृह में अभियंताओं की हुई सभा में जल्द इस मामले को लेकर विभागीय शासन सचिव से मिलने का निर्णय लिया गया। राजस्थान इंजीनियर्स एकता मंच के बैनर तले अभियंताओं ने मोर्चा खोलते हुए जल्द इस मामले में सरकार स्तर पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में आगामी नहरबंदी में काम करने में असमर्थता जताई।
विभाग के करीब डेढ़ सौ से अधिक अधीक्षण अभियंता, अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंताओं ने मुख्य अभियंता विनोद मित्तल से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत करवाया। इस मौके पर मुख्य अभियंता ने कहा कि इस मामले में जिस आधार पर टेस्टिंग की गई है, उसे लेकर मुख्यालय को लगातार अपडेट किया जा रहा है। पूर्व में भी इस मामले में विभागीय जांच हुई थी। इसमें इसकी स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। सभी अभियंताओं ंने यह निर्णय किया कि जल संसाधन विभाग का प्रभार सीएम के पास है। इसलिए विभागीय शासन सचिव से मिलकर जल्द अवगत करवा देंगे। जिससे सरकार को सही स्थिति का पता चल सके। इससे पहले जल संसाधन विभाग के विश्राम गृह में हुई सभा में रावतसर खंड के एक्सईएन राजेंद्र सिंह अकवी ने कहा कि गत दो-तीन वर्षों में अभियंताओं ने दिन-रात एक करके विषम परिस्थितियों में नहर मरम्मत का कार्य किया।
जहां तक गुणवत्ता का सवाल है तो विभाग में क्वालिटी कंंट्रोल विंग के साथ ही बीएलजी लैब में गुणवत्ता की जांच होती है। थर्ड पार्टी लैब से भी जांच करवाते हैं। इसके बावजूद यदि काम को गलत बताया जाता है तो रोष पनपना लाजमी है। उन्होंने कहा कि हमारी यही मांग है कि विषम परिस्थितियों में काम करने के बाद भी अभियंताओं को पारितोष के तौर पर ंदंडित नहीं किया जाए। साथ ही बंदी के सभी काम दिन की अवधि में ही करवाए जाएं। जिससे किसी तरह की आशंका को बल नहीं मिल सके। मुख्य अभियंता के साथ हुई वार्ता में विभाग के एक्सईएन राजेंद्र सिंह अकवी, सहीराम यादव, लखपतराय मेहरड़ा, रामाकिशन, देवेंद्र सिंह गिल, रामहंस सैनी, सुरेश सुथार, हेमंत चौरसिया, एसई देवीसिंह बेनीवाल सहित करीब डेढ़ सौ से अधिक अभियंता मौजूद रहे। गौरतलब है कि चरणबद्ध तरीके से इंदिरागांधी मुख्य नहर व अन्य मरम्मत कार्य के लिए ३२९१ करोड़ का बजट सरकार स्तर पर स्वीकृत हो चुका है। मार्च २०२० में होने वाली बंदी में भी राजस्थान भाग और पंजाब भाग में काफी काम होने हैं।

मंत्री के साथ भी काम किया
जल संसाधन विभाग के विश्राम गृह में हुई बैठक में अभियंताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान पर रोष जताया। अभियंताओं ने कहा कि वही अभियंताओं की टीम आज भी है, जिन्होंने डेढ़-दो वर्ष पहले तत्कालीन मंत्री के साथ रीलाइनिंग का कार्य किया था। अब समय बदलते ही अभियंताओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है। गौरतलब है कि एसीबी में मामर्ला दर्ज होने के बाद दो जनवरी २०२० को भाजपा की हुई प्रेसवार्ता को पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ.रामप्रताप भी संबोधित करने वाले थे। लेकिन ऐनवक्त पर पूर्व मंत्री ने प्रेसवार्ता से किनारा कर लिया था। प्रेसवार्ता को केवल भाजपा जिलाध्यक्ष व किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष ने ही संबोधित किया था।

सारे नेता चेक करेंगे, काम कैसे होगा
मुख्य अभियंता से हुई वार्ता के दौरान रीलाइनिंग प्रोजेक्ट में तैनात किए गए अभियंताओं ने कई तरह के सवाल मुख्य अभियंता के समक्ष रखे। भाजपा जिलाध्यक्ष की ओर से रीलाइनिंग के दौरान निर्माण कार्य को जांचने को लेकर कार्यकर्ताओं की टीमें बनाने के बयान का उल्लेख कर कहा कि जब सारे नेता चेक करने आ जाएंगे तो काम कैसे होंगे। इस पर मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने कहा कि पारदर्शी तरीके से हम सारे काम कर रहे हैं। आगे भी अच्छा काम करेंगे। एसीबी मामले में कहा कि इस बारे में मुख्यालय को लगातार मैं अपडेट कर रहा हूं।

हमारे मापदंड में खोट नहीं
इंदिरागांधी मुख्य नहर में हुए रीलाइनिंग कार्य के सैम्पल की एफएसएल रिपोर्ट में कार्य को मापदंड के अनुसार नहीं मानते हुए जल संसाधन विभाग के विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ एसीबी में एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर को लेकर विभागीय अभियंताओं ने अपनी-अपनी टिप्पणी करते हुए इसकी प्रतिलिपी सोमवार को मुख्य अभियंता विनोद मित्तल को सौंपी। इसमें बताया है कि हमारे मापदंड में कोई खोट नहीं है। मुख्य अभियंता ने कहा कि कैमिकल और अन्य की गुणवत्ता को लेकर जिस तरह से कार्य को अमानक बताया गया है, इस बारे में मुख्यालय भी विचार कर रहा है। मैंने इस संबंध में मुख्यालय को ब्रीफनोट भेजा है। उन्होंने कहा कि नहरबंदी के दौरान निर्धारित समय में काम पूरे करने होते हैं, इसलिए स्टें्रथ टेस्टिंग ही अहम होता है। अभियंताओं ने एसीबी में दर्ज मामले का उल्लेख कर रिपोर्ट में बताया कि उक्त रीलाइनिंग कार्य के लिए एम-१५ ग्रेड मिक्स डिजाइन कंक्रीट का उपयोग किया गया है। इसमें लेबोरेट्री में सीमेंट, बजरी, ग्रिट तथा पानी की मात्रा बाय वेट निर्धारण एम-15 के लिए भारतीय मानकों के अनुसार किया गया है। अभियंताओं ने कहा कि मापदंडों के अनुसार कार्य करने के बावजूद एसीबी की ओर से अन्य तरीके से सीमेंट आदि की गणना कर कार्रवाई करना उचित नहीं है। ऐसी परिस्थिति में आगामी बंदी में काम करना संभव नहीं होगा।

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