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विद्युत टावर क्षतिग्रस्त, हादसा टला कई टावर क्षतिग्रस्त, नींद में विद्युत निगम

Anurag Thareja

Publish: Sep 19, 2019 22:53 PM | Updated: Sep 19, 2019 22:53 PM

Hanumangarh


विद्युत टावर क्षतिग्रस्त, हादसा टला
कई टावर क्षतिग्रस्त, नींद में विद्युत निगम

हनुमानगढ़. टाउन के बस स्टैंड के सामने गुरुवार सुबह हाइटेंशन विद्युत टावर क्षतिग्रस्त होने से तारों के सहारे झूल गया। इससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बताया जा रहा है कि अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण टावर क्षतिग्रस्त हुआ है। लेकिन हकीकत है कि इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक टावर कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है।


हनुमानगढ़. टाउन के बस स्टैंड के सामने गुरुवार सुबह हाइटेंशन विद्युत टावर क्षतिग्रस्त होने से तारों के सहारे झूल गया। इससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बताया जा रहा है कि अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण टावर क्षतिग्रस्त हुआ है। लेकिन हकीकत है कि इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक टावर कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। लेकिन विद्युत निगम नए लगाने की बजाए आंख मूंदे बैठा है। यही कारण है टावर क्षतिग्रस्त होने पर उसकी मरम्मत कर लीपापोति की जा रही है। कई जगह टावर गिर ना जाए, इसके लिए फाउंडेशन ऊपर तक किया जा रहा है। इस मार्ग पर विद्युत टावर को नहीं बदला गया तो इनके गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संदर्भ में एक जुलाई को पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर विद्युत निगम के अधिकारियों को चेताया भी था। लेकिन निगम के अधिकारियों ने इस और ध्यान नहीं दिया। आसपास के नागरिकों ने बताया कि टावर के क्षतिग्रस्त के दौरान अगर कोई ट्रक या बस चपेट में आ जाती तो अब तक का सबसे बड़ा हादसा होता।
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हनुमानगढ़. टाउन के बस स्टैंड के सामने गुरुवार सुबह हाइटेंशन विद्युत टावर क्षतिग्रस्त होने से तारों के सहारे झूल गया। इससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बताया जा रहा है कि अज्ञात वाहन की टक्कर के कारण टावर क्षतिग्रस्त हुआ है। लेकिन हकीकत है कि इस मार्ग पर एक दर्जन से अधिक टावर कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। लेकिन विद्युत निगम नए लगाने की बजाए आंख मूंदे बैठा है। यही कारण है टावर क्षतिग्रस्त होने पर उसकी मरम्मत कर लीपापोति की जा रही है। कई जगह टावर गिर ना जाए, इसके लिए फाउंडेशन ऊपर तक किया जा रहा है। इस मार्ग पर विद्युत टावर को नहीं बदला गया तो इनके गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संदर्भ में एक जुलाई को पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर विद्युत निगम के अधिकारियों को चेताया भी था। लेकिन निगम के अधिकारियों ने इस और ध्यान नहीं दिया। आसपास के नागरिकों ने बताया कि टावर के क्षतिग्रस्त के दौरान अगर कोई ट्रक या बस चपेट में आ जाती तो अब तक का सबसे बड़ा हादसा होता।
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