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दिग्गजों को नहीं किया पसंद

Manoj Goyal

Publish: Nov 19, 2019 13:03 PM | Updated: Nov 19, 2019 13:03 PM

Hanumangarh

नगर पालिका चुनाव - 2019
- पूर्व सभापतियों के पुत्र पराजित
- परिषद उपाध्यक्ष रहे प्रत्याशी चुनाव हारे
- पूर्व उपसभापति की पत्नी चुनाव पराजित

हनुमानगढ़ नगर परिषद के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। स्थानीय सरकार की तस्वीर साफ हो गई है। 60 सदस्यीय बोर्ड में 36 पार्षदों के साथ कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। भाजपा के 18 पार्षद नगर परिषद में पहुंच पाएंगे। पहली बार जनता ने निर्दलीयों को कम पंसद किया है। इस बार मात्र छह निर्दलीय पार्षद बनें हैं।

जनता ने पूर्व में नगर परिषद के सर्वेसर्वा रहे राजनीतिज्ञों और उनके परिजनों को भी नकार दिया है। नगर परिषद के सभापति रहे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बहादुर चंद जैन के पुत्र संजय जैन वार्ड 21 से पराजित हो गए हैं। खास बात यह रही कि पिता बहादुर चंद जैन आजीवन कांग्रेस में रहे हैं और संजय ने अचानक भाजपा से टिकट हासिल कर चुनाव लड़ा और पराजित हो गए।

भाजपा नेता और नगर परिषद के पांच साल तक सभापति रहे राजकुमार तंवर के पुत्र प्रकाश तंवर भी वार्ड 17 से चुनाव हार गए। खास बात यह रही कि भाजपा युवा मोर्चा में सक्रिय प्रकाश तंवर को उनके ही पूर्व सहयोगी नंदू गूर्जर ने पराजित कर दिया। कांग्रेस से पार्षद बने नंदू गूर्जर भाजपा युवा मोर्चा में रह चुके हैं।


नगर परिषद के उप सभापति रहे और वरिष्ठ अधिवक्ता यादवेन्द्र शर्मा भी वार्ड 51 से चुनाव हार गए। यादवेन्द्र शर्मा दो बार पार्षद रह चुके हैं और विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। भाजपा नेता और नगर परिषद के उप सभापति रहे कालूराम शर्मा की पत्नी सरिता शर्मा भी चुनाव हार गई हैं। वहीं वार्ड 19 से नगरपरिषद की पूर्व सभापति संतोष बंसल विजयी हुई हैं।

नगर परिषद का चुनाव हारने वाले दिग्गजों में पूर्व पार्षद कविन्द्र सिंह शेखावत भी शामिल हैं। वह भाजपा की तरफ से सभापति पद के दावेदार थे। लगभग एक दर्जन निर्वतमान पार्षदों को भी जनता ने पसंद नहीं किया और उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा है। चुनाव हारने वालों में भाजपा के वर्तमान पार्षद राजेश कड़वासरा, परमजीत कौर सोनी शामिल हैं।

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