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जिससे चली व जिसके लगी, उन दोनों की नहीं थी अवैध पिस्तौल

Adrish Khan

Publish: Sep 07, 2019 11:48 AM | Updated: Sep 07, 2019 11:48 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. बाइक सवार नकाबपोश युवकों के मनगढ़त हमले के मामले में जिससे गलती से गोली चली व जिसके लगी, उन दोनों में से किसी की भी अवैध पिस्तौल नहीं थी। घटना के समय गाड़ी में सवार तीसरे युवक की वह अवैध पिस्तौल थी, जिससे गलती से गोली चली।

जिससे चली व जिसके लगी, उन दोनों की नहीं थी अवैध पिस्तौल
- घटना के समय गाड़ी में सवार तीसरे दोस्त की थी पिस्तौल
हनुमानगढ़. बाइक सवार नकाबपोश युवकों के मनगढ़त हमले के मामले में जिससे गलती से गोली चली व जिसके लगी, उन दोनों में से किसी की भी अवैध पिस्तौल नहीं थी। घटना के समय गाड़ी में सवार तीसरे युवक की वह अवैध पिस्तौल थी, जिससे गलती से गोली चली। पिस्तौल की जांच करते समय गोली चली थी। आरोपी मनीष कुमार उर्फ सोनू पुत्र मस्तराम नाई निवासी चक 5 एजी डबली खुर्द पीएस तलवाड़ा झील के इस खुलासे के बाद टाउन पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश में जुट गई है। आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान डस्टर गाड़ी में सवार उसके दोस्त रोहिताश की वह पिस्तौल थी।
जांच अधिकारी एसआई अनिल चिन्दा ने बताया कि गैर इरादतन हत्या के आरोप में आईपीसी की धारा 308 के अलावा 27 आम्र्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में मनीष कुमार उर्फ सोनू को गुरुवार देर शाम गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला है कि मनीष डस्टर गाड़ी में बैठा अपने दोस्त रोहिताश की पिस्तौल चैक कर रहा था कि अचानक ट्रिगर दबने से गोली चल गई। गाड़ी में बैठे राजेश बिजारणिया (30) पुत्र देवीलाल जाट निवासी बिजारणिया वाली ढाणी, ग्राम पंचायत किशनपुरा दिखनादा के पेट के दाईं तरफ पसलियों में गोली लगी। पूछताछ के बाद मनीष को शुक्रवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भिजवा दिया। इस मामले में रोहिताश की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उससे पिस्तौल बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं डस्टर गाड़ी पूर्व में ही कब्जे में ले ली गई है। गाड़ी से गोली का खोखा भी बरामद हो गया था। गाड़ी की सीट में गोली लगने का निशान है।


रची थी झूठी कहानी
राजेश बिजारणिया ने तीन सितम्बर को टाउन पुलिस को पर्चा बयान दिया कि वह दोपहर को गांव मटोरियांवाली ढाणी के बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहा था। तभी बुलेट बाइक पर सवार दो नकाबपोश आए। एक ने पिस्तौल निकाल उस पर तीन फायर किए। दो फायर पास से निकल गए। जबकि एक गोली उसके पेट के दाईं साइड में पसलियों में लग गई। फायर करने के बाद बाइक सवार नकाबपोश रावतसर की तरफ भाग गए। पुलिस ने दो अज्ञात नकाबपोशों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 341, 34 व 27 आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में हत्या के प्रयास का मामला मनगढ़त निकला। पुलिस ने राजेश बिजारणिया से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह अपने दोस्त रोहिताश व सोनू के साथ गाड़ी में सवार होकर नौरंगदेसर जा रहा था। सोनू के पास पिस्तौल थी। वह पिस्तौल को चैक कर रहा था। इतने में गलती से फायर हो गया। गोली चलने से वह डर गया। अपने दोस्त को बचाने के लिए उसने नकाबपोशों की ओर से फायर कर जान से मारने के प्रयास की झूठी कहानी गढ़ी।