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डेंगू का डंग, डेंगू पीडि़त की हुई मौत

Manoj Goyal

Publish: Nov 03, 2019 11:32 AM | Updated: Nov 03, 2019 11:32 AM

Hanumangarh

रावतसर-फेफाना क्षेत्र में डेंगू का असर


रावतसर में वार्डों में कराया सर्वे

हनुमानगढ़. फेफ ाना गांव में डेंगू अपने पांव पसारने लगा है। इससे पीडि़त एक जने की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार कृष्ण शर्मा पुत्र चंदूराम शर्मा को बुखार होने के बाद निजी चिकित्सकों से इलाज शुरू करवाया गया। इसके बाद स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इलाज चला। जांच में डेंगू की पुष्टि होने के बाद तथा स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं होने के कारण उन्हें सिरसा ले जाया गया। वहां भी कोई सुधार नहीं होने के कारण हिसार रैफर किया गया। हिसार में स्वास्थ्य में अत्याधिक गिरावट के बाद उन्हें जयपुर रैफर किया गया लेकिन बीच रास्ते में ही कृष्ण शर्मा ने गुरूवार को दम तोड़ दिया।
कस्बे में चार संभावित डेंगू रोगी और मिले
रावतसर. कस्बे में डेंगू की रोकथाम के लिए चिकित्सा विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है। इसके तहत डॉ. मनिन्द्र सिंह के नेतृत्व में वार्डों का सर्वे करवाया जा रहा है। कस्बे में चार और सम्भावित डेंगू रोगी मिले हैं। इनमें वार्ड 9 के अशोक कुमार, वार्ड २२ के सुरेन्द्र कुमार, वार्ड २३ के बनवारीलाल तथा वार्ड एक के पवन कुमार शामिल हैं। डॉ. मनिन्द्र सिंह ने बताया कि अशोक कुमार को हायर सेंटर रेफर किया गया है। जबकि शेष तीनों रोगियों की तबीयत में सुधार है। चारों रोगियों के घरों व आसपास का सर्वे करवा स्लाइड ले ली गई है। दवा का छिड़काव किया जा रहा है। पुस्तकालय के आसपास भी दवा का छिड़काव व सर्वे कराया गया है। नगरपालिका प्रशासन भी फोगिंग करवा रहा है। डॉ. मनिन्द्र सिंह ने बताया कि जनवरी 2019 से लेकर 31 अक्टूबर तक ब्लॉक में 24 डेंगू रोगी मिले हंै। इनका एलाइजा टेस्ट पॉजीटिव आया है। एसीएमएचओ डॉ. पवन छिम्पा ने शनिवार को निरीक्षण टीम प्रभारी मनिन्द्र सिंह को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने डेंगू व मलेरिया पर रोकथाम के लिए आमजन से सहयोग की अपील करते हुए आसपास पर्याप्त साफ-सफाई रखने को कहा।
हड्डा रोड़ी की बदबू से ग्रामीण परेशान
लिखमीसर. गांव की हड्डारोड़ी से गांव में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से मृत पशुओं के अवशेष नहीं उठाने से इस समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। हडडारोड़ी के नजदीक घरों के वाशिंदें तथा राजकीय बालिका स्कूल की छात्राओं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा पशु चिकित्सालय के स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन माह से मृत पशुओं के अवशेष नहीं उठाने से जहां कुतों का आतंक छाया हुआ है। इस संबंध में प्रशासन को अवगत करवाया गया है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

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