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केंद्र सरकार की ‘लेटलतीफी’ धरतीपुत्रों पर पड़ रही भारी

Purushotam Jha

Publish: Nov 08, 2019 10:54 AM | Updated: Nov 08, 2019 10:54 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. केंद्र सरकार की लेटलतीफी प्रदेश के लाखों किसानों पर भारी पड़ रही है। हालत यह है कि गत रबी सीजन में फसलों को हुए नुकसान की एवज में लाखों किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी तक बीमा कंपनी के खाते में अपने हिस्से का प्रीमियम जमा नहीं करवाया है।

 


-रबी सीजन २०१८-१९ का ४० करोड़ का बीमा क्लेम अटका
-प्रीमियम के पेच में उलझा हुआ है लाखों किसानों का क्लेम
हनुमानगढ़. केंद्र सरकार की लेटलतीफी प्रदेश के लाखों किसानों पर भारी पड़ रही है। हालत यह है कि गत रबी सीजन में फसलों को हुए नुकसान की एवज में लाखों किसानों को बीमा क्लेम का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। क्योंकि केंद्र सरकार ने अभी तक बीमा कंपनी के खाते में अपने हिस्से का प्रीमियम जमा नहीं करवाया है। जिसके कारण बीमा कंपनी ने अभी तक पीडि़त किसानों को क्लेम जारी नहीं किया है। कृषि अधिकारियों के अनुसार रबी सीजन २०१८-१९ में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस से सरकार ने अनुबंध किया था। इसके तहत हनुमानगढ़ सहित अन्य जिलों में बीमा कंपनी ने किसानों के खाते से प्रीमियम राशि वसूल कर ली गई। इसमें हनुमानगढ़ जिले में १५३०८९ किसानों ने बीमा करवाया। इसके अनुपात में किसानों की ओर से कृषक हिस्सा राशि १९.८८ करोड़ बीमा कंपनी ने वसूल कर लिया। इसी तरह राज्य सरकार की तरफ से देय प्रीमियम हिस्सा राशि ४५.३७ करोड़ भी जारी कर दिया गया है। मगर केंद्र सरकार की ओर से देय ४५.३७ करोड़ की राशि बीमा कंपनी के हिस्से में अभी तक जमा नहीं होने के कारण किसानों का क्लेम अटका हुआ है। सहायक निदेशक कृषि (सांख्यिकी) हनुमानगढ़ सुभाष डूडी ने बताया कि बीमा कंपनी को रबी सीजन का बकाया क्लेम का भुगतान करने को लेकर निर्देशित किया गया है। लेकिन अभी तक जिले के किसानों को क्लेम जारी नहीं किया गया है। किसान लगातार क्लेम के लिए विभागीय कार्यालयों में संपर्क कर रहे हैं। इस संबंध में संबंधित बीमा कंपनी इफको टोकियो के प्रबंधक शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि स्टेट फंड जारी हो चुका है। केंद्र सरकार से निर्धारित हिस्सा राशि जमा होते ही हम किसानों को क्लेम जारी कर देंगे। इस संबंध में केंद्र सरकार के साथ पत्राचार जारी है। हनुमानगढ़ जिले में रबी सीजन २०१८-१९ में फसलों को हुए नुकसान की एवज में करीब ४० करोड़ का क्लेम जारी होने का अनुमान है।

बढ़ा रहे प्रीमियम
जिले में गेहूं को रबी सीजन का मुख्य फसल कहा जाता है। कृषि अधिकारियों की मानें तो वर्ष २०१६-१७ में गेहूं पर ५२३ रुपए बीमा प्रीमियम पेटे किसानों से वसूला जा रहा था, जिसे वर्ष २०१७-१८ में बढ़ाकर ७०१ तथा वर्ष २०१८-१९ में बढ़ाकर ११३० रुपए प्रति हेक्टेयर कर दिया गया। वर्ष २०१८-१९ में हनुमानगढ़ जिले में १५३०८९ किसानों ने बीमा करवाया है। इसमें कुल २२६८३९.४५ हेक्टेयर को कवर किया गया है।

जोखिम स्तर को समझें
पीएम फसल बीमा योजना में गेहूं फसल में खराबे पर अब जोखिम स्तर का प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। इससे खराबे की स्थिति में किसानों को लाभ मिलने के अधिक आसार हैं। पूर्व में गारंटी उपज से ८० प्रतिशत तक उपज होने पर क्लेम शून्य मिलता था। लेकिन अब सरकार ने जोखिम प्रतिशत बढ़ाकर ९० कर दिया है। यानी साफ है कि बीमा नियमों के तहत किसी फसल की गारंटी उपज अगर दस क्विंटल निर्धारित है और आठ क्विंटल उपज हुई हो तो किसान क्लेम का हकदार नहीं होता था। आठ क्विंटल से कम उपज होने पर ही किसान क्लेम लेने का हकदार होता था। मगर अब जोखिम स्तर ९० प्रतिशत करने के कारण नौ क्विंटल से कम उपज वाले किसान भी क्लेम लेने का हकदार बन सकेंगे।

.....फैक्ट फाइल......
-सरकार ने पीएम फसल बीमा योजना के तहत गेहूं पर जोखिम प्रतिशत बढ़ाकर ८० से ९० प्रतिशत कर दिया है।
-वर्ष २०१६-१७ में गेहूं पर ५२३ रुपए बीमा प्रीमियम था, जिसे वर्ष २०१८-१९ में बढ़ाकर ११३० रुपए प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है।
-रबी वर्ष २०१८-१९ में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने हनुमानगढ़ में १५३०८९ किसानों का बीमा किया।
-रबी २०१८-१९ में फसलों को हुए नुकसान की एवज में करीब ४० करोड़ का क्लेम जारी होने का अनुमान है।


वर्ष किसान
२०१६-१७ ६५४३८
२०१७-१८ ४५७६०
२०१८-१९ १५३०८९
(नोट: उक्त संख्या रबी सीजन में पीएम फसल बीमा योजना के तहत हनुमानगढ़ में किसानों की ओर से करवाए गए बीमा की है।)
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