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गत सरकार ने जिनको एपीओ किया, उन अफसरों को पदोन्नति देने का आरोप

Purushotam Jha

Publish: Jan 04, 2020 11:25 AM | Updated: Jan 04, 2020 11:25 AM

Hanumangarh

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हनुमानगढ़. गत वर्ष बंदी के दौरान इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में हुए मरम्मत कार्य में अमानक सामग्री लगाने व निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन करने के मामले में एसीबी में प्रकरण दर्ज हो गया है। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने प्रेसवार्ता कर इस मामले में दोषी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

गत सरकार ने जिनको एपीओ किया, उन अफसरों को पदोन्नति देने का आरोप
-इंदिरागांधी नहर में रीलाइनिंग कार्य में अमानक सामग्री लगाने के मामले में एसीबी में मामला दर्ज होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने की प्रेसवार्ता
-भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा, इस बार हमारे कार्यकर्ता करेंगे रीलाइनिंग कार्य की निगरानी
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हनुमानगढ़. गत वर्ष बंदी के दौरान इंदिरागांधी नहर राजस्थान भाग में हुए मरम्मत कार्य में अमानक सामग्री लगाने व निर्धारित मापदंडों का उल्लंघन करने के मामले में एसीबी में प्रकरण दर्ज हो गया है। इसके बाद यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने प्रेसवार्ता कर इस मामले में दोषी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने पार्टी कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार में जिन अभियंताओं को एपीओ किया गया था, उसे वर्तमान सरकार ने पदोन्नति देकर नवाजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकारा अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कारण गुणवत्ता युक्त निर्माण नहीं हुए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि विभाग के पास इस बार बड़ा बजट होने के कारण सीएम ने विभागीय मंत्री ही नहीं बनाया। जो राजस्थान के इतिहास में शायद पहली बार हुआ है। सीएम के पास विभाग रहते हुए नहर मरम्मत के कार्य में इस तरह का भ्रष्टाचार होना निंदनीय है। भविष्य में बंदी के दौरान होने वाली रीलाइनिंग कार्य के दौरान क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आगे बंदी में जो काम होंगे, उसकी निगरानी के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई है। जो पूरी बंदी के दौरान नहरों की निगरानी करेंगे। इस टीम में सेवानिवृत्त अभियंताओं को भी शामिल किया गया है। जिलाध्यक्ष बिश्नोई ने कहा कि सीएम गहलोत इतने संवेदनहीन हो गए हैं कि वह दिल्ली में हाजिरी ज्यादा लगा रहे हैं, लेकिन प्रदेश में लगातार बच्चों की हो रही मौत को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुशील गोदारा ने कहा कि नहरों की रीलाइनिंग का काम होने के बाद काफी मात्रा में पानी बचने से सिंचित क्षेत्र का रकबा बढऩे की उम्मीद है। लेकिन अमानक निर्माण होने पर ऐसा नहीं हो सकेगा। इसे लेकर सरकार को सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विधायक और प्रभारी मंत्री लगातार शिकायत के बावजूद नहरों की निगरानी को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। जबकि पूर्व मंत्री डॉ.रामप्रताप के कार्यकाल में बंदी के दौरान जब काम हुए थे, उस दौरान तत्कालीन मंत्री ने लगातार नहरी क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने बताया कि यह नहर प्रदेश के दस जिलों की प्यास बुझाती है। ऐसे में इसकी गंभीरता को सरकार को समझने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि कर्ज लेकर करीब ३२९१ करोड़ की राशि से नहर की रीलाइनिंग करवाई जा रही है। ऐसे में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने पर इसका कोई अर्थ नहीं रह जाएगा।

पूर्व मंत्री का किनारा
गत दिनों इंदिरागांधी नहर रीलाइनिंग मामले में भ्रष्टाचार होने के कथित मामले को लेकर शुक्रवार को भाजपा की ओर से बुलाई गई प्रेसवार्ता को पूर्व जल संसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप को संबोधित करना था। इसके तहत निर्धारित समय पर पूर्व मंत्री भाजपा कार्यालय पहुंचे जरूर लेकिन एनवक्त पर उन्होंने प्रेसवार्ता से किनारा कर लिया। किन कारणों से पूर्व मंत्री ने किनारा कर लिया, इसका जवाब खुद पार्टी के पदाधिकारी भी ढूंढ़ते नजर आए। प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष बलबीर बिश्नोई के अलावा मीडिया प्रभारी दीपक खाती, जुगलकिशोर गौड़ आदि मौजूद रहे।

इसलिए गरमाया मामला
२४ अप्रैल को एसीबी की टीम ने तकनीकी विशेषज्ञों के साथ तहसील टिब्बी के सूरेवाला गांव के नजदीक इंदिरागांधी नहर आरडी ६१२ से ६१४ के बीच चल रही सीसी लाइनिंग बेड निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांच का निरीक्षण कर नमूने लिए। इनकी एफएसएल जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट में सीसी रिलाइनिंग कार्य में प्रयुक्त मसाला (सीमेंट, बजरी, कंक्रीट) में बजरी व कंक्रीट की मात्रा अनुपात से अधिक व सीमेंट की मात्रा कम पाई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कई अभियंताओं को नामजद कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब एक जनवरी २०२० को जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किए गए मामले को लेकर एसीबी ने मीडिया को जब जानकारी दी तो मामला फिर गरमा गया है।

विभागीय जांच में सबकुछ ठीक
इंदिरागांधी नहर रीलाइनिंग कार्य के दौरान अमानक सामग्री लगाकर सरकार को हानि पहुंचाने की शिकायत पर सितम्बर २०१९ में जल संसाधन विभाग स्तर पर कमेटी गठित कर मामले की जांच करवाई गई। इसमें संबंधित अभियंताओं पर लगाए गए आरोप को सही नहीं माना गया। मुख्य अभियंता की ओर से तैयार फाइनल रिपोर्ट में बताया गया कि जो भी कमियां सामने आई, उसमें जेईएन, एईएन, एक्सईएन ने जानबूझकर कोई लापरवाही नहीं की। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि क्लोजर कार्यों में इस तरह की घटनाओं को पूर्णतया रोका जाना संभव नहीं है।

........वर्जन......
गत वर्ष बंदी के दौरान जो रीलाइनिंग के कार्य हुए थे, वह आईएसआई मानकों के तहत हुए थे। इसमें नियमों के तहत निर्माण सामग्री की जांच की गई। एसीबी ने किस आधार पर कैसे जांच की है, इसके बारे में जब विभाग को एसीबी की एफआईआर प्राप्त होगी तभी हम कुछ आगे कह पाएंगे। आगामी बंदी में करीब ८० करोड़ के काम करवाए जाएंगे। इसके टेंडर की प्रक्रिया संपन्न करवा रहे हैं।
-विनोद मित्तल, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़

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