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आबकारी थाना प्रभारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में दर्ज हुआ मामला

Anurag Thareja

Publish: Oct 16, 2019 22:14 PM | Updated: Oct 16, 2019 22:14 PM

Hanumangarh

आबकारी थाना प्रभारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में दर्ज हुआ मामला
रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसीबी ने किया सत्यापन तो उखड़ी भ्रष्टाचार की परतें

आबकारी थाना प्रभारी व कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में दर्ज हुआ मामला
रिश्वत मांगने की शिकायत पर एसीबी ने किया सत्यापन तो उखड़ी भ्रष्टाचार की परतें
हनुमानगढ़./भादरा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर ने भादरा के आबकारी थाना प्रभारी व एक कांस्टेबल पर संगीन धाराओं के अपराध में फंसाने की धमकी दे रिश्वत मांगने का सत्यापन होने पर अब मामला दर्ज कर लिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां ने बताया कि दो जुलाई को संदीप कुमार पुत्र बलवंत सिंह जाट निवासी छानीबड़ी जिला हनुमानगढ़ ने लिखित शिकायत दी थी।
इसमें बताया था कि आठ जून को उसके सगे ताऊ के लड़के संजीव कुमार के खिलाफ भादरा के आबकारी थाना प्रभारी कमलसिंह ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण में थाना प्रभारी कमलसिंह व कांस्टेबल धर्मवीर ने डरा-धमका कर उसके परिवार के अन्य सदस्यों के अन्य सदस्यों को भी आरोपित बनाने की धमकी देकर उससे एक लाख रुपए की रिश्वत ले ली। अब इस मामले में उसके भाई राजेश कुमार को गिरफ्तार करने व संगीन धाराएं लगाने की धमकी दी जा रही है। उसके भाई को गिरफ्तार नहीं करने एवं संगीन धाराएं नहीं लगाने की एवज में उससे थाना प्रभारी कमलसिंह एवं कांस्टेबल धर्मवीर की ओर से तीस हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक रजनीश पूनियां ने बताया कि इस शिकायत पर एसीबी बीकानेर के पुलिस निरीक्षक हरिसिंह ने कार्रवाई कर रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया तो तीस हजार रुपए की रिश्वत मांगने का सत्यापन हुआ। इस पर भादरा आबकारी थाने के प्रभारी कमलसिंह व कांस्टेबल धर्मवीर के खिलाफ धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 व 120बी आईपीसी में मामला दर्ज कर लिया गया है।

लाखों की ठगी का मामला
आबकारी विभाग हनुमानगढ़ में एक करोड़ के गबन के मामले में भादरा के एक ठेकेदार ने 5 लाख 74 हजार की ठगी का आरोप लगाते हुए आबकारी थाना प्रभारी कमलसिंह व कर्मचारी के खिलाफ भादरा पुलिस थाने में गत दिनों मामला दर्ज करवाया था। उम्मेद सिंह पुत्र सूरजभान जाति यादव निवासी जाटान तहसील भादरा ने यह मामला इस्तगासे के जरिए दर्ज करवाया था। इसमें आबकारी थाना प्रभारी भादरा कमलसिंह व आबकारी भादरा के क्लर्क इंद्रजीत सिंह पर धोखाधड़ी कर आबकारी शराब नगद जमा करवाकर राजस्व आबकारी में न जमा करवाकर निजी खाते में जमा करवाकर परिवादी से दोबारा बकाया निकालकर राशि की मांग करने का आरोप लगाया है। भादरा पुलिस ने दोनों के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 167 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।


पुराने रिकार्ड खंगालने के लिए भेजे उदयपुर व जोधपुर के अधिकारी

हनुमानगढ़. आबकारी विभाग में एक करोड़ के गबन के मामले में जांच के बाद अब उदयपुर मुख्यालय ने पुराना रिकार्ड खंगालने के लिए उदयपुर व जोधपुर के अधिकारी को हनुमानगढ़ जिला आबकारी कार्यालय भेजा है।
दोनों लेखाधिकारी की ओर से वित्तीय वर्ष 2018-19 के ईग्रास पर अपलोड चालान, परमिट व चालान की जमा कॉपी की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार इस जांच को करने के लिए एक सप्ताह से अधिक समय लगेगा। क्योकिं गत दिनों में छह माह के गबन की जांच के लिए पांच सदस्य टीम के साथ कार्यालय के कर्मचारियों ने सहयोग किया तो करीब पांच दिन में जांच पूरी हो पाई थी। इधर, जिला आबकारी अधिकारी संजीव कुमार पटावरी ने बताया कि भादरा की एक दुकान की ओर से मूल राशि जमा भी करवाई गई है।
लाइसेंसधारी की ओर से इसकी ब्याज राशि भी जल्द ही जमा करवाई जाएगी। गौरतलब है कि बैंक की फर्जी मुहर लगाकर जाली चालान के आधार पर एक करोड़ रुपए के गबन के मामले की जांच के बाद उदयपुर टीम दस्तावेजों के साथ हनुमानगढ़ आबकारी कार्यालय से उदयपुर के लिए गुरुवार को गई थी। इस बीच बीकानेर आबकारी विभाग के लेखाधिकारी तीन दिन और रहकर जांच करके गए थे। जानकारी के अनुसार एक अप्रेल 2019 से तीस सितंबर 2019 तक हुई जांच में करीब 96 लाख रुपए के गबन होने की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि आबकारी विभाग इसमें से करीब 6 लाख 320 रुपए छोड़कर शेष राशि की रिकवरी भी कर चुका है।