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गुणवत्ताहीन शौचालय ने ली दो मासूमों की जान, पोहरी विधायक के गृहग्राम में हादसा

Gaurav Sen

Publish: Nov 12, 2019 17:27 PM | Updated: Nov 12, 2019 17:27 PM

Gwalior

Toilet building collapse in pohari village two children died : अब हादसे में दो मासूमों की जान जाने के बाद प्रशासन की तंद्रा टूटी और अब जिम्मेदार अधिकारी, तत्कालीन पंचायत सचिव पर कार्यवाही करने तथा शेष अन्य शौचालय की गुणवत्ता जांचने की बात कह रहे हैं।

शिवपुरी/पोहरी. स्वच्छ भारत अभियान के नाम पर देशभर में शौचालय बनवाकर अधिकारियों ने अपने टारगेट तो पूरे कर लिए, लेकिन अब यही शौचालय मासूमों की जान ले रहे हैं। जिले के पोहरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम राठखेड़ा में शौचालय ढहने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक घायल है। पोहरी विधायक के गृहग्राम में हुए हादसे का कारण जो शौचालय बना, उसे हितग्राही ने न बनवाकर पंचायत ने ठेके पर बनवाया था। अब हादसे में दो मासूमों की जान जाने के बाद प्रशासन की तंद्रा टूटी और अब जिम्मेदार अधिकारी, तत्कालीन पंचायत सचिव पर कार्यवाही करने तथा शेष अन्य शौचालय की गुणवत्ता जांचने की बात कह रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि हादसे के बाद विधायक नहीं पहुंचे, बल्कि उनके भाई ने वहां पहुंचकर उनकी कमी को पूरा किया।

जानकारी के अनुसार पोहरी विधानसभा के ग्राम राठखेड़ा में वर्ष 2013 में आदिवासी परिवारों के लिए शौचालय स्वीकृत हुए, तो उनका निर्माण हितग्राही द्वारा न करवाकर ग्राम पंचायत ने ठेके पर बनवा दिए। चूंकि ठेकेदार को थोकबंद टॉयलेट बनाने थे, इसलिए उसने गुणवत्ता का ध्यान न रखते हुए, घटिया सामग्री उपयोग करके उन्हें बनाकर तैयार कर दिया। पंचायत सचिव ने भी उनके फोटो खींचकर स्वच्छ भारत अभियान के जिम्मेदारों को भेजकर भुगतान ले लिया। इस दौरान किसी ने भी यह देखने की जहमत नहीं उठाई कि बनाए गए शौचालय की गुणवत्ता कैसी है?। इसी क्रम में राठखेड़ा गांव में रहने वाले घनश्याम आदिवासी की पाटौर के पीछे खेत की मेढ़ पर एक शौचालय बनाया गया। सोमवार दोपहर में जब घनश्याम के दो बेटे राजा व सुल्तान के अलावा प्रिंस आदिवासी, खेल रहे थे, तो शौचालय की दीवार एकाएक ढह गई, जिसके मलबे में दबने से राजा व प्रिंस की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुल्तान घायल हो गया। दोनों बच्चों का पीएम मंगलवार को होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है।

हादसे के डेढ़ घंटे बाद चला पता
ग्राम राठखेड़ा की आदिवासी बस्ती में पंचायत द्वारा ठेके पर बनवाए गए शौचालय, हितग्राहियों के घरों के पीछे खेत की मेढ़ पर बना दिए गए। यही वजह है कि दोपहर 2 बजे शौचालय ढहने से उसमें मासूम दब गए, लेकिन उनकी जानकारी डेढ़ घंटे बाद परिवारजनों को तब लगी, जब घर की एक महिला पाटौर के पीछे गंदा पानी फेंकने के लिए गई। महिला ने जब शौचालय के मलबे में दबे बच्चों को देखा, तो उसने तत्काल परिवार सहित अन्य लोगों को बताया। ग्रामीणों ने मलबे को हटाकर उसमें दबे बच्चों को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक दो मासूमों की मौत हो चुकी थी, जबकि एक घायल है।

वर्तमान में विधायक का भतीजा है सचिव
राठखेड़ा गांव में जब ठेके पर शौचालय बनवाए गए थे, तब इस पंचायत का सचिव राकेश वर्मा (धाकड़) था, जो वर्तमान में सेवाखेड़ी गांव में पदस्थ है, जबकि वर्तमान में पोहरी विधायक सुरेश राठखेड़ा का भतीजा शशिकांत धाकड़ पंचायत सचिव है। चूंकि टॉयलेट 2013 में राकेश वर्मा के सचिव रहते हुए बना था, इसलिए जांच की जद में राकेश आ गया।

जानकारी से अनभिज्ञ एसडीएम
वह शौचालय ठेके से बनवाया गया या हितग्राही ने खुद बनाया, इसके लिए मैंने जनपद सीईओ को निर्देश दिए हैं, अभी मुझे यह जानकारी नहीं है। अभी तो अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि दी है, शेष सहायता आदिम जाति कल्याण विभाग से दिलवाई जाएगी।
पल्लवी वैध, एसडीएम पोहरी

किस ठेकेदार ने बनवाए थे पता करवाएंगे
घटना की सूचना सबसे पहले मुझे मिली और मैंने ही टीआई सहित अन्य अधिकारियों को जानकारी दी। इस मामले में तत्कालीन सचिव के खिलाफ कार्यवाही के लिए पत्र लिखा है, साथ ही पंचायत ने जिस ठेकेदार से काम करवाया है, उसका भी पता करवा रहे हैं। साथ ही पोहरी क्षेत्र में बनाए गए शौचालयों का निरीक्षण टीम से करवाएंगे।
अरविंद शर्मा, सीईओ जनपद पंचायत पोहरी

शौचालय का उपयोग नहीं करते कई परिवार
जब इस संबंध में पोहरी विधायक सुरेश राठखेड़ा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि आज ग्वालियर में मंत्री की बैठक में शामिल होने आ गया था, लेकिन जैसे ही मुझे हादसे का पता चला तो मैंने अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के लिए कहा। अभी पंचायत सचिव मेरा भतीजा है, लेकिन यह शौचालय 2013 में पूर्व सचिव ने बनवाया था। वैसे भी गांव में जो शौचालय बनाए गए हैं, उनमें से कई परिवार तो उनका उपयोग भी नहीं करते। जिस वजह से यह कमजोर होते जा रहे हैं। हादसा बहुत दर्दनाक है और पीडि़त परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
सुरेश राठखेड़ा, विधायक पोहरी

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