स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बेटी ने कहा: पापा मैं भी बड़े होकर सिगरेट पीऊंगी, यह सुन होश उड़ गए, तब से बंद कर दी स्मोकिंग

Mahesh Gupta

Publish: Mar 13, 2019 13:00 PM | Updated: Mar 13, 2019 13:00 PM

Gwalior

बेटी ने कहा: पापा मैं भी बड़े होकर सिगरेट पीऊंगी, यह सुन होश उड़ गए, तब से बंद कर दी स्मोकिंग

नो स्मोकिंग डे आज: विल पॉवर से छोड़ी सिगरेट, तम्बाकू, अब जी रहे खुशहाल जिंदगी
एनएसएस वालंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स की मदद से शहर को करेंगे अवेयर

एक दिन मैं घर के बाहर सिगरेट पी रहा था। बेटी ने देख लिया। जब मैं अंदर आया, तो वह बोली कि पापा मैं भी बड़े होकर आपकी तरह सिगरेट पीऊंगी। यह सुनकर मेरे होश उड़ गए और तब से मैंने कसम खा ली कि मैं कभी भी स्मोकिंग नहीं करूंगा। इस बात को तीन साल हो गए। मैंने सिगरेट को हाथ नहीं लगाया। रोजाना 15 से 20 सिगरेट की लत छोडऩे में मुझे परेशानी आई, लेकिन अपनी विल पॉवर से मैंने स्मोकिंग पूरी तरह छोड़ दी। यह कहना है बिजनेसमैन अरविंद राजपूत का। उन्होंने नो स्मोकिंग डे पर अपना यह किस्सा शेयर किया और कहा कि मन में यदि हम कुछ भी ठान लें, तो वह पूरा कर सकते हैं। स्मोकिंग हमारे स्वास्थ्य को खराब करने के साथ परिवार को भी बर्बादी के कगार पर ले आता है।

स्टूडेंट ने किया कमेंट, तो छोड़ दी तम्बाकू
जीवाजी यूनिवर्सिटी के एनएसएस को-ऑर्डिनेटर प्रो. रविकांत अदालतवाले ने बताया कि मैंने 18 साल तक लगातार तम्बाकू खाई। नए-नए ब्रांड का यूज किया। रोजाना 6 से 8 पैकेट तम्बाकू खाया करता था। एक बार एक स्टूडेंट ने यूनिवर्सिटी परिसर में ही मुझ पर कमेंट कर दिया। तब से आज तक मैंने तम्बाकू की तरह मुडकऱ भी नहीं देखा।

धूम्रपान बंद करते हुए मिला रिलैक्स

एजी ऑफिस के एकाउंटेंट अनु सक्सेना ने बताया कि मैं कुछ समय पहले तक मैं धूम्रपान करता था। एक बार मुझे लगा कि मेरे शरीर में कुछ और भी प्रॉब्लम बढ़ रही हैं। मुझे चक्कर आने जैसे सिम्टम्स दिखने लगे। इस पर मैंने स्मोकिंग को पूरी तरह से कंट्रोल कर लिया। इससे मुझे अपनी बॉडी में काफी अंतर समझ में आया।

यंगस्टर्स फूल देकर करेंगे प्रोडक्ट न बेचने की अपील

जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम जल्द ही एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल, डायरेक्टर से मुलाकात करेगी और कैंपस के 100 मीटर के दायरे में लगी दुकानों में सिगरेट, तम्बाकू न बेचने के लिए कहेंगे। इसमें एनएसएस वालंटियर्स, एनसीसी कैडेट्स का भी सहयोग लिया जाएगा। ये यंगस्टर्स हाथ में फूल देकर तम्बाकू से बने पदार्थ न बेचने की दुकनदारों से अपील करेंगे। फिरभी यदि दुकनदार नहीं मानते, तो प्रकोष्ठ द्वारा चालान काटा जाएगा। अभी हाल ही में प्रकोष्ठ की ओर से जीवाजी यूनिवर्सिटी थाना, गोले का मंदिर थाना आदि में पुलिस टीम को अवेयर किया जा चुका है।

पॉवर प्वॉइंट प्रजेंटेशन से बताएंगे धूम्रपान के दुष्परिणाम

जिला तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल ऑफीसर डॉ. आलोक पुरोहित ने बताया कि हमारी टीम द्वारा शहर के शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर स्टूडेंट्स को धूम्रपान न करने के लिए अवेयर किया जाएगा। इसके साथ ही पॉवर प्वॉइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से धूम्रपान के दुष्परिणाम भी बताए जाएंगे। यह कार्य नए सेशन के साथ शुरू हो जाएगा। वर्तमान समय में थानों में पुलिस टीम को अवेयर करने का काम किया जा रहा है।
क्या कहते हैं नियम
-सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट (सीओटीपीए) के सेक्शन-4 के तहत कोई भी व्यक्ति पब्लिक प्लेस पर सिगरेट नहीं पी सकता। वरना उस पर 200 रुपए के चालान की कार्यवाही होगी। यह कार्यवाही सीएमएचओ, नोडल ऑफीसर या फिर अपने डिपार्टमेंट का चीफ कर सकता है। इसके साथ ही पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर से ऊपर रैंक का ऑफीसर कार्यवाही कर सकता है।

-सीओटीपीए के सेक्शन-6 डी के तहत किसी भी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के समीप 100 मीटर के दायरे में तम्बाकू से बने प्रोडक्ट नहीं बेचे जा सकते। इन पर सख्त कार्यवाही का प्रावधान है।

-सीओटीपीए के सेक्शन-5 के तहत कोई भी पानवाला या स्टोरकीपर तम्बाकू या सिगरेट का एडवरटाइज नहीं कर सकता। इसके साथ ही तम्बाकू वाले प्रोडक्ट बेचने पर लाइसेंस लेना आवश्यक है।