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शरद पूर्णिमा: इस दिन व्रत रखने से होती है संतान की प्राप्ति

Rajendra Thakur

Publish: Oct 09, 2019 18:45 PM | Updated: Oct 09, 2019 18:45 PM

Gwalior

शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और अपनी चांदनी में अमृत बरसाता है। यहां जानें शरद पूर्णिमा किस तारीख को पड़ रही है और क्‍या है इस दिन खीर का महत्‍व

ग्वालियर। मां लक्ष्मी का जन्म इसी दिन हुआ थाइस दिन व्रत रखने से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैअगर कुंवारी कन्याएं ये व्रत रखती हैं तो उन्हें सुयोग्य और उत्तम वर की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा को कोजागर पूर्णिमा, रास पूर्णिमा, कौमुदी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इसका खास महत्‍व है। कहते हैं इस दिन चंद्रमा की किरणों में अमृत समा जाता है। दरअसल पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक मां लक्ष्मी का जन्म इसी दिन हुआ था। साथ ही भगवान कृष्ण ने गोपियों संग वृंदावन के निधिवन में इसी दिन रास रचाया था।
इस बार शरद पूर्णिमा 13 अक्तूबर को मनाई जाएगी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के चार माह के शयनकाल का अंतिम चरण होता है। माना जाता है कि इस दिन चांद अपनी 16 कलाओं से पूरा होकर रातभर अपनी किरणों से अमृत की वर्षा करता है।
शरद पूर्णिमा का है खास महत्‍व: कहते हैं कि इस दिन व्रत रखने से सभी मनोरथ पूर्ण होते है और व्यक्ति के सभी दुख दूर होते हैं। क्योंकि इसे कौमुदी व्रत भी कहा जाता है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो विवाहित स्त्रियां व्रत रखती है उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। जो माताएं अपने बच्चों के लिए व्रत रखती है तो उनके संतान की आयु लंबी होती है।
अगर कुंवारी कन्याएं ये व्रत रखती हैं तो उन्हें सुयोग्य और उत्तम वर की प्राप्ति होती है। शरद पूर्णिमा के दिन चांद किसी भी दिन के मुकाबले सबसे चमकीला होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन आसमान से अमृत बरसता है। चंद्रमा की किरणों में इस दिन बहुत तेज होता है जिससे आपकी आध्यात्मिक, शारीरिक शक्तियों का विकास होता है साथ ही इन किरणों में इस दिन असाध्य रोगों को दूर करने की क्षमता होती है।
पूर्णिमा की खीर को सेहत के लिए माना गया है अमृत
हमारे ग्रंथों में शरद पूर्णिमा की खीर को सेहत के लिए अमृत सामान माना गया है, इस शरद पूर्णिमा आप भी खीर का सेवन करें और स्वस्थ रहें।