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सडक़ पर कीचड़ में फंस रहे स्कूली वाहन

Rajesh Shrivastava

Publish: Aug 18, 2019 19:44 PM | Updated: Aug 18, 2019 19:44 PM

Gwalior

तिग्रस्त सडक़ों से वाहन निकालना तो दूर पैदल राहगीरों को भी आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार घंटों तक वाहनों के फंसे रहने के कारण बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं।

ग्वालियर. शहरी क्षेत्र की सडक़ें इन दिनों बदहाली का शिकार बनी हुई हैं। इन क्षतिग्रस्त सडक़ों से वाहन निकालना तो दूर पैदल राहगीरों को भी आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गिरवाई क्षेत्र की सडक़ों के हालत तो और भी बदतर बने हुए हैं, क्षेत्र की सडक़ें पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो चुकी हैं, जिस कारण यहां से निकलने के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली वाहनों को हो रही है। क्योंकि जब भी स्कूली वाहन इन क्षतिग्रस्त सडक़ों से गुजरते हैं, तो वाहन सडक़ों में फंसकर रह जाते हैं। जिस कारण स्कूली बच्चों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कई बार घंटों तक वाहनों के फंसे रहने के कारण बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के प्रयास से ही वाहनों को निकलवाया जाता है।

नगर निगम के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रं 65 स्थित गिरवाई क्षेत्र में सडक़ों की कई वर्षों से मरम्मत नहीं कराई गई है। जिस कारण सडक़ों से डामर पूरी तरह से गायब हो चुका है और सडक़ भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, वहीं इन दिनों बारिश के कारण सडक़ें और भी बदहाली का शिकार होती जा रही हैं। जिसको लेकर स्थानीय लोगों द्वारा कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया जा चुका है। हालांकि इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा भी कई बार आश्वासन दिया गया कि शीघ्र ही क्षतिग्रस्त सडक़ों को दुरुस्त करा दिया जाएगा, लेकिन आज तक क्षतिग्रस्त सडक़ों के सुधार को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इन क्षतिग्रस्त सडक़ों के कारण सबसे ज्यादा प्रभाव स्कूली छात्रों पर पड़ रहा है।
वहीं स्कूली वाहनों के आए दिन फंसने के कारण कई बार वाहन पलटने से भी बचे हैं, जिसको लेकर अभिभावकों को हादसों की आशंका बनी रहती है, ऐसे में कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से भी इंकार करना शुरु कर दिया है। साथ ही कई अभिभावक अपने ही वाहनों से बच्चों को स्कूल तक लाने और ले जाने के लिए मजबूर हैं।

वहीं कई बार तो वाहन के फंसने के कारण स्थानीय लोगों को ही क्षतिग्रस्त सडक़ पर रास्ता बनाकर वाहनों को निकलवाना पड़ता है। तब जाकर वाहन दलदल से निकलकर स्कूल के लिए रवाना हो पाते हैं। क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सडक़ को लेकर बनी अहम समस्या को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा गुहार लगाए जाने के बाद भी न तो अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास किया जा रहा है और न ही जनप्रतिनिधि इस समस्या का निराकरण कराए जाने के संबंध में कोई ध्यान दे रहे हैं। साथ ही स्थानीय रहवासी भी इस समस्या से परेशान हैं। कई बार इस दलदल में बाहन फिसल जाते हैं। जिससे वाहन चालक चोटिल हो जाते हैं।