स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

राम ने राजनीति सीखने के लिए रावण के पास भेजा लक्ष्मण को

Rahul Aditya Rai

Publish: Oct 23, 2019 01:07 AM | Updated: Oct 23, 2019 01:07 AM

Gwalior

विभीषण राम को बताते हैं कि शिव ने रावण को एक बाण दिया है उसी से रावण की मृत्यु होगी। तब राम हनुमान को बाण लेने के लिए भेजते हैं और हनुमान ब्राह्मण का वेश धरकर मंदोदरी से वह बाण ले आते हैं।

ग्वालियर। मुरार रामलीला मैदान आयोजित रामलीला में मंगलवार को अहिरावण और रावण का वध हुआ। रावण मंत्री की सलाह से पाताल में रहने वाले पुत्र अहिरावण को युद्ध के लिए बुलाता है।
अहिरावण मायावी विद्या में निपुण होता है, वह राम और लक्ष्मण का हरण कर पाताल में ले जाता है। हनुमान राम को खोजते हुए पाताल लोक में प्रवेश करते हैं तो उन्हें वहां मकरध्वज मिलता है। उससे युद्ध कर वह पाताल में प्रवेश करते हैं। उन्हें पता चलता है कि अहिरावण देवी के सामने राम और लक्ष्मण की बलि देना चाहता है तो हनुमान देवी से विनय कर उनके स्थान पर बैठ जाते हैं और अहिरावण का वध कर देते हैं।

इसके बाद रावण स्वयं युद्ध में जाने के लिए देवी की पूजा करता है। राम भी युद्ध से पहले देवी की पूजा करते हैं और फिर राम और रावण में युद्ध होता है। तभी विभीषण राम को बताते हैं कि शिव ने रावण को एक बाण दिया है उसी से रावण की मृत्यु होगी। तब राम हनुमान को बाण लेने के लिए भेजते हैं और हनुमान ब्राह्मण का वेश धरकर मंदोदरी से वह बाण ले आते हैं।

इसके बाद राम रावण का वध करते हैं। जब रावण अपनी अंतिम घड़ी में था तब राम लक्ष्मण को रावण के पास राजनीति सीखने के लिए भेजते हैं। इधर सीता राम के पास वापस आ जाती हैं। सीता अग्नि परीक्षा देती हैं तब राम सीमा को ग्रहण करते हैं।