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ग्वालियर चंबल संभाग के इस मंदिर में पॉलीथिन में प्रसाद पर रोक

monu sahu

Publish: Oct 04, 2019 18:54 PM | Updated: Oct 04, 2019 18:54 PM

Gwalior

karah dham mandir in morena : प्रसाद बेचने वालों ने निर्णय लिया नहीं बेचेंगे पॉलीथिन में सामान

ग्वालियर। गांधी जयंती से एक बार उपयोग वाली पन्नी पर रोक के बावजूद धार्मिक स्थलों पर इसके चलन पर कोई असर नहीं पड़ा है। शहर के एक प्रसिद्ध मंदिर पर गुरुवार की शाम देखा गया तो बेचने वाले भी प्रसाद पन्नी में ही दे रहे थे और चढ़ाने वाले भी मंदिर के गर्भगृह में लेकर पहुंच रहे थे। हालांकि अंचल के सिद्ध स्थल करहधाम में पॉलीथिन पर प्रतिबंध घोषित कर दिया गया है। एक-दो दिन में ही इसकी सूचना के पर्चे चस्पा कर दिए जाएंगे। पर्यावरण को खराब करने में एक बार उपयोग वाली पन्नी का बड़ा योगदान है।

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इसे देखते हुए जहां केंद्र सरकार इसे हतोत्साहित कर रही है, वहीं प्रदेश सरकार और प्रशासन भी इसे रोक रहे हैं। कमिश्नर रेनू तिवारी ने स्वयं इस पर एक माह का अभियान चलाया। इसके बावजूद दूसरे दिन इसका असर नहीं दिखा। हालांकि चने, मूंगफली और कुछ नाश्ता बेचने वालों ने पन्नी की जगह कागज और पत्तों के दोनों का उपयोग शुरू कर दिया है। करहधाम के महंत दीनबंधु ने मंदिर परिसर में घोषणा करवा दी है कि जो भी दुकानदार पन्नी में प्रसाद या कोई सामान बेचेगा उसकी दुकान खाली करवा ली जाएगी।

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विजय राघव ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि कोई भी दुकानदार और भक्त पॉलीथिन का उपयोग नहीं करेगा। घूमकर मूंगफली बेचने वाले रघुवीर का कहना था कि हमने कमिश्नर के अभियान शुरू होने के साथ कागज के लिफाफों का उपयोग शुरू कर दिया है।

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