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दिव्यांगों के लिए बनाए पुराने रैंप सहेजे नहीं, अब फिर बाधारहित भवन बनाने की तैयारी

Prashant Kumar Sharma

Publish: Sep 21, 2019 07:19 AM | Updated: Sep 21, 2019 01:18 AM

Gwalior

बहुत से शासकीय भवनों में ही बने रैंप दरक गए हैं, जिनकी वजह से दिव्यांगों को परेशानी होती है

ग्वालियर. जिले के सभी भवनों को अब फिर बाधा रहित बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक, बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिलाओं को चढऩे, उतरने में परेशानी न हो। इस संबंध में शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन किया गया, जबकि प्रशासन पूर्व में शासकीय भवनों और शिक्षण संस्थाओं में बनाए गए रैंप सहेज नहीं सका है। कई जगह रैंप दरक गए हैं या टूट गए हैं।
तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि ने सभी शासकीय भवन, शिक्षण संस्थाएं आदि में बाधारहित वातावरण तैयार करने की मुहिम शुरू की थी, इसके अंतर्गत सभी भवनों में रैंप बनाए गए थे, जिसके आधार पर तीन साल पहले केन्द्र सरकार ने ग्वालियर को बाधा रहित जिला घोषित करने के साथ पुरस्कृत भी किया था। लेकिन कलेक्टर नरहरि का स्थानांतरण होने के बाद अन्य अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। बहुत से शासकीय भवनों में ही बने रैंप दरक गए हैं, जिनकी वजह से दिव्यांगों को परेशानी होती है।
शुक्रवार को अमर ज्योति स्कूल एवं पुनर्वास केन्द्र में बाधा रहित वातावरण देने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया, इसमें जिला पंचायत सीईओ शिवम वर्मा और सामाजिक न्याय विभाग के जेडी राजीव सिंह ने कहा कि अब जो भी शासकीय-अशासकीय भवन बनेंगे उन्हें दिव्यांगों के लिए बाधा रहित बनाया जाएगा। इसमें संस्था के कार्यकारिणी सदस्य भूपेन्द्र जैन भी मौजूद थे। कार्यशाला में अमर ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट दिल्ली की टीम ने बाधा रहित भवन बनाने के लिए यंत्रियों को जानकारी दी। इसमें बताया गया कि भारत सरकार के मानक अनुसार ही भवन निर्माण किया जाएगा।