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सडक़ों के बड़े-बड़े गड्ढे बढ़ा रहे वाहनों का मेंटेनेंस

Rajesh Shrivastava

Publish: Sep 20, 2019 20:19 PM | Updated: Sep 20, 2019 20:19 PM

Gwalior

शहर की बारिश से उखड़ी सडक़ और बड़े-बड़े गड्ढों से चालकों की मुसीबत बढ़ रही। उनके वाहन खराब होने से मेंटेनेंस बढ़ गया है। जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।

ग्वालियर. शहर की बारिश से उखड़ी सडक़ और बड़े-बड़े गड्ढों से चालकों की मुसीबत बढ़ रही। उनके वाहन खराब होने से मेंटेनेंस बढ़ गया है। जिससे उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है। शहर में बहोड़ापुर से मोतीझील तक की सडक़ पूरी तरह उखड़ी हुई है। इस रास्ते होकर आने जाने वाले लोगों के वाहन हर तीसरे महीने में टूट फूट अधिक हो रही है। जो वाहन प्रतिदिन दो से तीन चक्कर काट रहे हैं, उनकी स्थिति कंडम हो गई है। इस सडक़ पर सडक़ कम गड्ढे ज्यादा हैं। सुधार को लेकर पिछले सालों से चल रहे प्रयास पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
बहोड़ापुर से मोतीझील तक करीब तीन किलोमीटर दूरी है। यह मार्ग शहर के व्यापारिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थापित है। जहां से शहर का व्यापारी जुड़ा है। यहां हर रोज चालीस से पचास ट्रक माल का छोटे वाहनों से परिवहन शहर में किया जाता है। यही कारण है कि छोटे माल वाहक वाहनों को हर रोज दो से तीन बार आना जाना होता है। यह वाहन जैसे ही बहोड़ापुर पहुंचते हैं, तो उन्हें टूटी हुई सडक़ का सामना करना होता है। हालांकि हर बार बारिश से पहले और बारिश के बाद में इस सडक़ का मेंटेनेंस कराए जाने के लिए मुरम, गिट्टी डाली जाती है। यह गिट्टी मुरम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है। बारिश खत्म होते ही यह गिट्टी मुरम धूल बनकर उड़ती है।
इस मार्ग पर ट्रांसपोर्ट नगर के बाद फलमंडी सबसे बड़ा व्यापारिक स्थल है। यहां से ग्वालियर-चंबल संभाग भर में फलों का व्यापार होता है। इस मार्ग पर फलों से भरे वाहनों की आवाजाही होती रहती है। सडक़ उखड़ी होने की वजह से कई बार वाहनों के टायर पंचर हो जाते हैं। तकनीकी खराबी आने से घंटों वाहन खड़े रहते हैं। जिस दिन वाहन खराब होता है, उस दिन वाहन चालक से लेकर फल व्यापारी का व्यापार प्रभावित होता है। इसके अलावा इस मार्ग पर आनंद नगर, लक्ष्मीपुरम, मोतीझील, शिवशक्ति नगर के अलावा छोटी-बड़ी कई कॉलोनियां हैं। यह मार्ग शहर को मुरैना से जोड़ता है। सडक़ खराब होने की वजह से मुरैना जाने के लिए लोग रास्ता बदल रहे हैं। शहर के लोग गोला का मंदिर होते हुए सीधे अटल गेट पर निकलते हैं। जहां से पुरानी छावनी होकर जाने को मजबूर हो रहे हैं।