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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाईकोर्ट में जमा कराया 10 हजार रुपए का हर्जाना, ये है मामला

Gaurav Sen

Publish: Jul 20, 2019 14:07 PM | Updated: Jul 20, 2019 14:07 PM

Gwalior

जमीन के मामले में चल रही है सुनवाई

ग्वालियर. पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, उनकी मां माधवी राजे सिंधिया एवं बहन चित्रांगदा राजे ने उन पर लगाया गया 10 हजार रुपए का हर्जाना हाईकोर्ट में जमा करा दिया है। न्यायमूर्ति संजय यादव एवं न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल की युगलपीठ के समक्ष प्रकरण की सुनवाई के दौरान सिंधिया की ओर से जवाब भी पेश कर दिया गया है। प्रकरण में अगली सुनवाई अगले माह होगी।

उपेन्द्र चतुर्वेदी द्वारा एडवोकेट सीपी सिंह के माध्यम से जनहित याचिका प्रस्तुत की गई है, जिसमें सिंधिया द्वारा बार-बार समय लिए जाने के बाद भी जवाब प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पिछली सुनवाई पर 26 जून को न्यायालय ने 10 हजार रुपए का हर्जाना लगाया था।

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चेतकपुरी के सामने जलभराव की जगह पर बहुमंजिला भवन बनाए जाने को लेकर यह जनहित याचिका प्रस्तुत की गई है, जिसमें कहा गया है कि बंधन वाटिका के पास की सर्वे क्रमांक 1211 एवं 1212 सरकारी दस्तावेजों में शासकीय जमीन दर्ज है। इसे कमलाराजा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नारायण बिल्डर को बेच दिया गया। इस जमीन पर 7 मंजिला भवन बन चुका है। याचिका में कहा गया कि शहर में सरकारी जमीन को बेचकर उन पर भवन बनाए जा रहे हैं।

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न्यायालय से निवेदन किया गया है कि इस सरकारी जमीन को मुक्त कराने के लिए निर्देश दिए जाएं। याचिकाकर्ता द्वारा इस मामले में सचिव नगरीय प्रशासन विभाग, कलेक्टर ग्वालियर, आयुक्त नगर निगम, संयुक्त संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट, कमलाराजे चेरिटेबल ट्रस्ट, नारायण बिल्डर्स एवं डेवलपर्स संचालक राजीव गुप्ता, ज्योतिरादित्य सिंधिया ट्रस्ट, माधवी राजे सिंधिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा चित्रांगदा राजे को पार्टी बनाया गया है।

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