स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

GST : दो साल बाद भी व्यापारियों को नहीं मिल रही 2 से 25 हजार तक की FDR

Gaurav Sen

Publish: Aug 18, 2019 16:20 PM | Updated: Aug 18, 2019 16:20 PM

Gwalior

जो व्यापारी वैट टैक्स में थे, वे अब जीएसटी में माइग्रेट हो चुके हैं इसलिए उन्हें एफडीआर लेने की क्या जरूरत है

ग्वालियर. प्रदेश सहित ग्वालियर के व्यापारियों से वैट एक्ट के तहत ली गई एफडीआर यानी सिक्योरिटी राशि उन्हें वापस नहीं की जा रही है, जबकि जीएसटी को लागू हुए दो साल से अधिक का समय बीत चुका है, फिर भी उनकी 2 से 25 हजार रुपए तक की एफडीआर को लौटाया नहीं जा रहा है। जीएसटी के आला अधिकारियों का इस संबंध में कहना है कि जो व्यापारी वैट टैक्स में थे, वे अब जीएसटी में माइग्रेट हो चुके हैं इसलिए उन्हें एफडीआर लेने की क्या जरूरत है।

फंसी हुई है व्यापारियों की पूंजी
जीएसटी आने के बाद पेट्रोल-डीजल को छोडक़र सभी वस्तुओं पर वैट कर समाप्त किया जा चुका है। ऐसे में वैट एक्ट के तहत जीएसटी रजिस्ट्रेशन के समय प्रतिभूति के रूप में ली गई एफडीआर व्यापारियों को वापस की जानी चाहिए थी, परंतु इसके लिए शासन या विभाग की ओर से अभी तक कोई प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है, जिसके चलते व्यापारियों की पूंजी का एक भाग बिना किसी कारण के विभाग के पास फंसा हुआ है, जिन व्यापारियों द्वारा एफडीआर वापसी के लिए आवेदन किया जा रहा है, उन्हें भी विभाग द्वारा अनावश्यक परेशान किया जा रहा है। कहीं उनसे नोड्यूज कराने के लिए कहा जा रहा है, तो कहीं किसी और कारण से मना किया जा रहा है।

वैट टैक्स के समय व्यापारियों की दो से 25 हजार रुपए तक की एफडीआर जमा हैं, जीएसटी लागू होने के बाद भी उन्हें अभी तक वापस नहीं किया गया है, जब वैट टैक्स अब लागू ही नहीं है तो फिर प्रतिभूति राशि वापस की जानी चाहिए।
अनिल अग्रवाल, उपाध्यक्ष, एमपी टैक्स लॉ बार एसोसिएशन