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जेनेटिक काउंसलिंग के हर लेवल पर हो प्रयास

Mahesh Gupta

Publish: Oct 23, 2019 11:49 AM | Updated: Oct 23, 2019 11:49 AM

Gwalior

जेयू के ह्यूमन जेनेटिक्स में सेमिनार

थैलेसीमिया, हीमोफ ीलिया सहित कई ऐसी बीमारियां है, जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफ र होती रहती हैं, ये जेनेटिक बीमारियां कहलाती हैं। ऐसी बीमारियों का पूरी तरह से इलाज करने के लिए उनकी जेनेटिकल काउंसिलिंग जरूरी है। हालांकि कुछ समय से यह काउंसिलिंग अपने देश में भी प्रचलित हो गई है, लेकिन अवेयरनेस की कमी के कारण कई लोग इसके बारे में नहीं जानते। इसके लिए हर लेवल पर प्रयास करना जरूरी है। यह बात अहमदाबाद से आई जेनेटिक काउंसलर डॉ. मानसी विशाल ने कही। वह ह्यूमन जेनेटिक विभाग में 'जेनेटिक डिसीज एंड काउंसलिंगÓ विषय पर बतौर एक्सपर्ट बोल रही थीं।

भविष्य की बीमारी का भी लगा सकते हैं अनुमान
डॉ. मानसी ने कहा कि हमारे देश में कई जगह आज भी डॉक्टर्स ही बीमारियों की पहचान करते हैं, जिसे क्लीनिकल टेस्ट कहा जाता है, लेकिन कई ऐसी बीमारियां होती हैं, जनकी पहचान क्लीनिकल टेस्ट से नहीं हो पाती, उनके लिए जेनेटिकल काउंसलिंग की जरूरत होती है। इससे पुरानी जेनेटिक बीमारी के अलावा भविष्य में होने वाली बीमारी के बारे में भी अनुमान लगाया जा सकता है।