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धूप छांव और लतिका का विमोचन

Avdhesh Shrivastava

Publish: Aug 18, 2019 19:25 PM | Updated: Aug 18, 2019 19:25 PM

Gwalior

साहित्यकार एवं लेखिका सुबोध चतुर्वेदी की पुस्तकों ‘धूप छांव एवं उपन्यास लतिका’ का लोकार्पण किया गया।

ग्वालियर. साहित्यकार एवं लेखिका सुबोध चतुर्वेदी की पुस्तकों का विमोचन शनिवार को एक निजी होटल में किया गया। इस अवसर पर उनकी कथा संकलन ‘धूप छांव एवं उपन्यास लतिका’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर की जया जादवानी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीधर पराडकऱ ने किया। इस अवसर पर जया जादवानी ने कहा की जिए हुए लम्हो को पुराणों पर उकेरना बेहद कठिन होता है। लेखन हमारी आत्मा का विस्तार है। हमारे जीवन के बाहर और भीतर के जीवन का विस्तार ही लेखन की प्रतिध्वनि है। सुबोध की यह रचनाएं इस प्रतिध्वनि को शब्दबद्ध करने वाली अद्वितीय रचनाएं हैं। पुस्तकों की समीक्षा डॉ. राजरानी शर्मा एवं डॉ. सुरेश सम्राट ने की। इस अवसर पर शहर के कई साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।
गगन राज ने सूरत पिया किन छीन...
ग्वालियर घराने के संगीतज्ञ पंडित एकनाथ सारोडकर की पुण्यस्मृति पर संगीत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई से आए गायक कैलाश खरे रहे। उन्होंने नाट्य संगीत, भावगीत एवं देशभक्ति गीतों को आवाज देकर सभी को मन्त्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने संगीत सभा का शुभारम्भ पंचतुंड नर मुंडलमल धर से किया। इसके बाद श्रीराम चंद्र कृपाल भजन गाकर माहौल को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद वीर सावरकर का जयोस्तुते जयोस्तुते गीत गए गाया। विकास विपअ ने तबले पर और प्रमोद संत ने हारमोनियम पर उनका साथ दिया। इसके आलावा संगीत सभा में गगन राज ने सूरत पिया किन छीन बिसराये गाकर प्रस्तुति दी।