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सीएए पर इस्तीफा नहीं दे रहे हैं अगप के ये तीन मंत्री

Yogendra Yogi

Publish: Jan 07, 2020 20:48 PM | Updated: Jan 07, 2020 20:48 PM

Guwahati

( Assam News ) असम की क्षेत्रीय पार्टी असम गण ( AGP Dispute on CAA ) परिषद (अगप) में घमासान मचा ( Fighting between AGP ) हुआ है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पार्टी में दो फाड़ होने के आसार दिखने लगे हैं। अगप के तीन मंत्री भाजपानीत सरकार में बने ( 3 AGP ministers not resigning ) हुए हैं।

गुवाहाटी(राजीव कुमार):( Assam News ) असम की क्षेत्रीय पार्टी असम गण ( AGP Dispute on CAA ) परिषद (अगप) में घमासान मचा ( Fighting between AGP ) हुआ है। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर पार्टी में दो फाड़ होने के आसार दिखने लगे हैं। अगप के अध्यक्ष अतुल बोरा राज्य की भाजपानीत सरकार में कृषि मंत्री हैं, वहीं कार्यकारी अध्यक्ष केशव मंहत जलसंसाधन मंत्री हैं तो अगप नेता फणिभूषण चौधरी खाद्य व आपूर्ति विभाग के मंत्री हैं। पिछली बार जब नागरिकता संशोधन विधेयक संसद में लाया गया था तब अगप के तीनों मंत्रियों ने इस्तीफा सौंप दिया था। लेकिन इस बार विधेयक के कानून बनने पर भी अगप के तीन मंत्री भाजपानीत सरकार में बने ( 3 AGP ministers not resigning ) हुए हैं। लेकिन पिछली बार लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो जाने के कारण विधेयक लोकसभा में नहीं आया और लोकसभा चुनाव के लिए अगप ने फिर से भाजपा के साथ चुनावी तालमेल कर लिया।

अगप के हैं तीन मंत्री
अगप के प्रथम संस्थापक अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत का धड़ा सीएए का शुरु से ही विरोध कर रहा है। महंत ने आज पार्टी के मुख्यालय आमबाड़ी में एक बैठक इस मुद्दे पर विचार के लिए बुलाई थी। लेकिन उन्हें पार्टी मुख्यालय में घुसने नहीं दिया गया। पार्टी मुख्यालय में बड़े ताले लगा दिए। महंत का कहना है कि पार्टी ने तय किया था कि वह सीएए के खिलाफत करेगी। ऐसे में तीन मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। आखिरकार महंत ने पास ही के भगवती प्रसाद बरुवा भवन में यह बैठक की। मालूम हो कि राज्यसभा में अगप के अकेले सांसद वीरेंद्र प्रसाद वैश्य हैं जिन्होंने विधेयक के समर्थन में वोटिंग में हिस्सा लिया था।

महंत धड़ा सीएए का विरोधी
अगप के प्रथम संस्थापक अध्यक्ष तथा पूव मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत का धड़ा सीएए का शुरु से ही विरोध कर रहा है। महंत का कहना है कि पार्टी ने तय किया था कि वह सीएए के खिलाफत करेगी। ऐसे में तीन मंत्री पद पर कैसे बने हुए हैं। पार्टी के लोग अगप के मंत्रियों से नाराज हैं क्योंकि राज्य में सीएए विरोधी माहौल है और उन्हें जनता का कोपभाजन बनना पड़ता है। अब सीएए का समर्थन करने वाले नेताओं ने लोगों के गुस्से को देखते हुए कहना शुरु किया है कि हमने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आवेदन किया है। प्रफुल्ल महंत ने आज कहा कि वे कुछ भी जाए सीएए का विरोध पार्टी लाइन में रहते हुए करते रहेंगे। इसके लिए उन्हें बैठक नदी के बंजर इलाकों में करनी पड़ी तो भी करेंगे।

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